26 जून 2026:
मध्य प्रदेश/कटनी/
मध्य प्रदेश के कटनी के विजय राघवगढ़ वन क्षेत्र में वन्यजीवों के सामूहिक शिकार का एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है।
यहां शिकार की योजना जंगल के एक तालाब में कथित तौर पर जहर मिलाकर वन्यजीवों को निशाना बनाने का रहा। शिकारी ने पानी में जहर मिला दिया ,जिससे 12 चीतल और दो सांभर की मौत हो गई।
इस घटना के बाद वन विभाग हरकत में आया और डॉग स्क्वायड की मदद से कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
यह घटना विजयराघौगढ़ वन क्षेत्र में घुघरी बीट के RF-62 से लगे हुए वन क्षेत्र की है। गुरुवार को सुबह वन विभाग की टीम ने गश्त के दौरान पाया कि तालाब के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में 12 चीतल और दो सांभर मृत पड़े हुए हैं। एक साथ इतने जानवरों की मौत की खबर मिलते ही वन विभाग ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। डॉग स्क्वाड के की मदद से जांच की गई। जिसमें डॉग स्क्वाड घुघरी गांव के एक घर तक पहुंचा। घर की तलाशी लिए जाने के बाद वहां ताजा खून के निशान, वन्य जीवों के बाल, मांस, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे और अन्य उपकरण बरामद किए गए। यह घर सुरेश चौधरी का था । वन विभाग की टीम ने सुरेश चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद एक अन्य आरोपी दुर्गेश सहित तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो घुघरी और गाडरी गांव से संबंधित थे।
वन विभाग के एसडीओ सुरेश बरोल ने बताया कि आरोपियों ने तालाब में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। जहरीला पानी पीने से चीतल और सांभर की मौत हो गई। सभी वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया गया है। और तालाब के पानी का नमूना जांच के लिए भेजा गया है । तीनों आरोपियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।


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