संक्रांति के बाद नया सिस्टम हो रहा एक्टिव: तेज ठंड, कोहरा और मावठा गिरने के भी आसार:
संवाददाता
13 January 2026
अपडेटेड: 7:20 PM 0thGMT+0530
सर्दी का कहर जारी –मावठे गिरने की संभावना:
उत्तर भारत में सर्दी का कहर जारी है। पहाड़ों से ज्यादा मैदानी इलाके ज्यादा ठंडा हो गए हैं। पहाड़ी इलाकों में कोहरे की ठंड और घने कोहरे से जनजीवन काफी हद तक प्रभावित हो रहा है । जिसमें अगले दो-तीन दिन ठंड से राहत मिलने के भी कोई असर नहीं दिख रहे हैं । मकर संक्रांति जैसे पर्व पर भी ठंड और कोहरा का असर बना रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार मैदानी इलाकों में जनजीवन:
पहाड़ों से तेज और सुखी हवाओं के कारण दिन में तेज धूप निकलने के बावजूद भी ठंड से राहत नहीं मिल पा रही है । जिसमें सुबह और रात के तापमान में खास बदलाव नहीं हो पा रहा और शीत लहर की तीव्रता बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार मकर संक्रांति और लोहड़ी जैसे पर्व पर भी इस बार ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा।
15 जनवरी को पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो रहा है ,जिसके असर से 16 और 17 जनवरी को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश हो सकती है। इससे हवाओं की दिशा में बदलाव आ सकता है ।
मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है । जिसमें ग्वालियर चंबल इलाके सबसे ज्यादा ठंडे बने हुए हैं। अगले आने वाले सात से आठ दिन पश्चिमी विक्षोभ से मावठा गिरने की संभावना बताई गई है।
राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। इंदौर में रात का पारा 10 डिग्री, ग्वालियर चंबल क्षेत्र में 7 डिग्री, उज्जैन 9 डिग्री के साथ ठंड का असर बना हुआ है । यहां न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और जबलपुर में 8 डिग्री दर्ज किया गया है।
उत्तर पश्चिमी हवाओं के कारण ग्वालियर चंबल और उज्जैन संभाग मध्य प्रदेश के सबसे ठंडा क्षेत्र बने हुए हैं जो पिछले 10 वर्षों के आंकड़े के अनुसार सबसे ठंडा रहा।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिनों में मौसम के बदलाव के कोई संकेत नहीं है। ठंड और कोहरा का असर जारी रह सकता है। 19 और 20 जनवरी के आसपास मावठा गिरने की भी संभावना बताई गई है। जिसमें मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश का भी असर हो सकता है।