सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस; योजना में मिलेगा 10 हजार रुपये मानदेय
संवाददाता
11 March 2026
अपडेटेड: 4:25 PM 0thGMT+0530
11 मार्च 2026
भोपाल। प्रदेश में सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए राज्य सरकार ‘सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई।
योजना के तहत प्रदेश के हर ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। इस तरह कुल 4865 युवाओं को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। चयनित युवाओं को प्रतिमाह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।
चयनित इंटर्न एक साल के अनुबंध पर काम करेंगे, जिसे अधिकतम तीन साल तक बढ़ाया जा सकेगा। ये युवा मैदान में जाकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी जुटाएंगे और अपनी रिपोर्ट पोर्टल के माध्यम से सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों को भेजेंगे।
इन युवाओं का चयन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण स्कूल के माध्यम से किया जाएगा। इस योजना पर अगले तीन वर्षों में लगभग 170 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से सरकारी योजनाओं की जमीनी निगरानी बेहतर होगी और युवाओं को प्रशासनिक कामकाज का अनुभव भी मिलेगा।
सीएम डॉक्टर मोहन यादव के अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिए गए l मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने बताया कि सीएम यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत युवाओं को एक-एक साल के अनुबंध के तहत नियुक्त किया जाएगा l
पहले भी शुरू हुई थी ऐसी योजना
साल 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘मुख्यमंत्री युवा इंटर्नशिप योजना’ शुरू की थी। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को शासन व्यवस्था से जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रक्रिया का अनुभव देना था।
इसके तहत युवाओं को मुख्यमंत्री जनसेवा मित्र के रूप में नियुक्त किया गया था। उनका काम सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाना और योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी सरकार तक पहुंचाना था।
इस योजना के तहत चयनित युवाओं को 6 महीने का प्रशिक्षण दिया जाता था और उन्हें प्रतिमाह 8 हजार रुपये मानदेय भी दिया जाता था l