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10 June 2026

वैश्विक स्तर पर हथियारों और सैन्य शक्ति पर नजर रखने वाली संस्था स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपरी) की वर्ष 2026 की रिपोर्ट में भारत को लेकर एक बहुत बड़ा दावा किया गया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने अपनी परमाणु रणनीति में एक बड़ा बदलाव करते हुए इतिहास में पहली बार शांति काल में 12 परमाणु हथियारों को पूरी तरह से ऑपरेशनल यानी इस्तेमाल के लिए तैयार श्रेणी में तैनात किया है.

परमाणु ट्रायड को सौंपे गए हथियार
सीपरी की इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि भारत ने इन 12 परमाणु हथियारों की तैनाती इसी साल (2026 में) की है, जबकि इससे पहले साल 2025 में ऐसा एक भी हथियार इस तरह तैनात नहीं किया गया था. ये सभी परमाणु हथियार भारत के ‘परमाणु ट्रायड’ (परमाणु त्रिकोणीय क्षमता) को सौंपे गए हैं, जिसमें लड़ाकू विमान, जमीन से मार करने वाली मिसाइलें और परमाणु पनडुब्बियां शामिल हैं.
अब तक रक्षा विशेषज्ञ यह मानते आए थे कि भारत शांति के समय में अपने परमाणु वारहेड (बम) और उन्हें ले जाने वाली मिसाइलों को अलग-अलग सुरक्षित रखता है. लेकिन इस नई रिपोर्ट के मुताबिक, जमीन के नीचे बने मिसाइल साइलो और नई परमाणु पनडुब्बियों में तुरंत इस्तेमाल के लिए परमाणु हथियारों की तैनाती भारत की बढ़ी हुई सैन्य तैयारी और आक्रामक रक्षा नीति का संकेत देती है.

परमाणु ताकत में भारत का दुनिया में कौन सा स्थान है?
परमाणु हथियारों की तैनाती के मामले में पूरी दुनिया में भारत का छठा स्थान है. इस सूची में पहले स्थान पर रूस है, जिसके पास सबसे ज्यादा 1796 तैनात हथियार हैं. इसके बाद अमेरिका (1770), फ्रांस (280), ब्रिटेन (120) और चीन (34) का नंबर आता है. रिपोर्ट के अनुसार, पूरी दुनिया में इस समय कुल 12,187 परमाणु हथियार मौजूद हैं, जिनमें से 4012 हथियार ऐसे हैं जो किसी भी समय हमले के लिए एकदम तैयार (तैनात) स्थिति में रखे गए हैं.

परमाणु नीति में कोई आधिकारिक बदलाव नहीं
हालांकि इस तैनाती के बावजूद भारत ने अपनी आधिकारिक परमाणु नीति में कोई बदलाव घोषित नहीं किया है. भारत आज भी अपने बुनियादी सिद्धांतों ‘पहले उपयोग नहीं’ (No First Use) और ‘विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता’ पर पूरी तरह कायम है. इसके तहत भारत इन हथियारों का इस्तेमाल केवल तभी करेगा जब उस पर कोई दूसरा देश परमाणु हमला करेगा.
चीन और पाकिस्तान की तरफ से मिलने वाली दोहरी सुरक्षा चुनौतियों और लंबी दूरी की मिसाइल क्षमताओं के विकास को देखते हुए भारत अपने परमाणु बलों के आधुनिकीकरण पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है. विशेष रूप से समुद्र में परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों की मदद से भारत अब पानी के अंदर भी सीमित संख्या में परमाणु हथियार तैनात कर गश्त कर रहा है, जिससे भारत की समुद्री परमाणु ताकत काफी मजबूत हो गई है.


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