29 मई 2026
नई दिल्ली:
सीबीएसई (CBSE) की ओएसएम (On-Screen Marking) मूल्यांकन प्रक्रिया पर छात्रों और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने इस पूरी अव्यवस्था की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली और कहा कि वह सरकार की ओर से इसकी पूरी जिम्मेदारी लेते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए इस गंभीर मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह आरोप पूरी तरह गलत है कि यह तकनीकी विकास के खिलाफ है, बल्कि वह खुद लगातार मिल रही चुनावी हार की वजह से हताश होकर ऐसे बयान दे रहे हैं।
गड़बड़ी पर कड़ा रुख: ‘किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा’
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने देश के छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए साफ कहा कि सीबीएसई ने इस पूरे मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बहुत सख्त लहजे में कहा, “मैं सभी को विश्वास दिलाता हूं कि यदि इस मामले में कोई भी गड़बड़ी पाई गई, तो किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा”।
आपको बता दें कि इससे पहले राहुल गांधी ने इन गड़बड़ियों को लेकर सरकार को घेरा था। हालांकि, शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें तथ्यहीन बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) की प्रक्रिया के लिए कंपनियों का चयन पूरी तरह नियमों और तय वित्तीय प्रक्रियाओं के तहत ही किया गया था।
नीट-यूजी परीक्षा को सुरक्षित कराने के लिए वायुसेना की मदद लेने की तैयारी
इसी बीच, नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा को लेकर भी सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ी योजना सामने आ रही है। आगामी 21 जून को होने वाली इस परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और लीक-प्रूफ तरीके से संपन्न कराने के लिए सरकार भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) की मदद लेने की संभावना तलाश रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक हाई-लेवल बैठक में इस विकल्प पर गंभीरता से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मंत्रियों और बड़े अधिकारियों ने इस बात पर विचार किया है कि नीट परीक्षा के प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रूप से तय केंद्रों तक ले जाने के लिए वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस विकल्प पर आखिरी फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने ही रखा जाएगा। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री खुद इन तैयारियों पर करीब से नजर रख रहे हैं।
पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच जारी
गौरतलब है कि इससे पहले तीन मई को आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से उसे रद्द करना पड़ा था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत पर सीबीआई (CBI) ने केस दर्ज कर अपनी जांच तेज कर दी है।
दूसरी तरफ, ओएसएम (OSM) मूल्यांकन से जुड़ी गड़बड़ियों पर भी अब जांच एजेंसियों की पैनी नजर है। केंद्र सरकार ने इस बार परीक्षा को पूरी तरह फुलप्रूफ तरीके से कराने के लिए अपने सभी मंत्रालयों और विभागों को अलर्ट रहने और सुरक्षा व्यवस्थाओं को पूरी तरह परखने के निर्देश दिए हैं।


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