14 मई 2026

नई दिल्ली:
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने सोने, चांदी और प्लेटिनम पर लगने वाले आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी) में भारी बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब इन कीमती धातुओं को खरीदना और भी महंगा हो जाएगा।
कितना बढ़ गया है शुल्क?
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार, शुल्कों में बड़ा बदलाव किया गया है:
सोने और चांदी पर अब 6 प्रतिशत की जगह सीधा 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगेगा।
प्लेटिनम पर आयात शुल्क 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत कर दिया गया है।
ये बढ़ी हुई दरें तत्काल प्रभाव से पूरे देश में लागू हो गई हैं।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
सरकार का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक चीजों के आयात को कम करना है। पश्चिम एशिया के संकट की वजह से जो चुनौतियां सामने आ रही हैं, उनसे निपटने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
मंत्रालय का कहना है कि सोने और चांदी की खरीदारी पर बहुत ज्यादा विदेशी मुद्रा खर्च होती है, जबकि औद्योगिक उत्पादन की नजर से ये धातुएं उतनी महत्वपूर्ण नहीं हैं। हालांकि, चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में होता है, इसलिए अब इन चीजों की लागत भी बढ़ सकती है।
क्या होगा इसका असर?
इस फैसले के बाद बाजार के जानकारों और व्यापारियों ने कुछ बड़ी चिंताएं जताई हैं:
महंगी होगी ज्वेलरी: टैक्स बढ़ने से गहनों की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे ज्वेलरी की बिक्री में कमी आ सकती है।
रोजगार पर असर: इस क्षेत्र से लाखों कारीगरों के परिवार चलते हैं, काम कम होने पर उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ सकता है।
तस्करी बढ़ने का डर: जानकारों का मानना है कि ज्यादा टैक्स की वजह से सोने की तस्करी बढ़ सकती है, जिसे रोकने के लिए अब राजस्व और सीमा शुल्क अधिकारी ज्यादा निगरानी रखेंगे।
पिछले वित्त वर्ष (2025-26) में भारत ने 72 अरब डॉलर का सोना और 12 अरब डॉलर की चांदी का आयात किया था। इसी भारी खर्च को कम करने के लिए प्रधानमंत्री ने पहले भी लोगों से सोने की खरीदारी को फिलहाल टालने की अपील की थी।