7 सितंबर 2026:
भारत को नशा-मुक्त बनाने का संकल्प लें चुके केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दो टूक कहा कि केंद्र सरकार म्यांमार और अफगानिस्तान बॉर्डर को सील करेगी जिससे नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने में आसानी होगी जिसके लिए भारत की सीमाओं को पूरी तरह से सील कर दिया जायेगा । उन्होंने जोर देकर कहा कि अगले तीन सालों में भारत को नशा-मुक्त बना दिया जाएगा। गृहमंत्री ने कहा कि सिर्फ ड्रग्स का उत्पादन ही देश की समस्या नहीं है, बल्कि हम दो ऐसी सीमाओं के बीच फंसे हैं जो नशीले पदार्थों के उत्पादन के केंद्र हैं।अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थ ज़्यादातर म्यांमार और अफगानिस्तान की तरफ से देश में लाए जाते हैं और म्यांमार की सीमाएं पूरी तरह से खुली हुई है जिसे अब भारत सरकार सील करने जा रही है… लेकिन यह सीमा काफी जटिल है।गृह मंत्री ने यह भी कहा कि ‘नशा-मुक्त भारत’ बनाने के लिए जुलाई 2026 से जून 2029 तक का तीन साल का रोडमैप तैयार है। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से सभी राज्यों का दौरा करके भारत को नशा-मुक्त बनाऊंगा। शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के बाद ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई को देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय लड़ाई बताया – यह युवाओं, परिवारों, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा का संकल्प है।अमित शाह ने कहा कि नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति चार लक्ष्यों पर केंद्रित होगी। सप्लाई में कमी, मांग में कमी, नुकसान को कम करना और क्षमता निर्माण व समन्वय। एक चतुष्कोणीय रणनीति अपनाकर, हम ‘डेथ ट्राइएंगल’ (म्यांमार, लाओस और थाईलैंड) और ‘डेथ क्रिसेंट’ (अफगानिस्तान, ईरान और पाकिस्तान) के रास्तों से देश में ड्रग्स की तस्करी को रोकने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं तो कुलमिलाकर गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर लगाम लगाने के बाद अब
नशे के ख़िलाफ़ लड़ाई तेज़ कर दी है । इसके लिए मीडिया से भी सहयोग की अपील की है।


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