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7 अप्रैल 2026:

मध्य प्रदेश/जबलपुर :

मनरेगा के तहत काम कर रहे प्रदेश के करीब 25 हजार ग्राम रोजगार सहायकों के नियमितीकरण के मामले में सरकार की चुप्पी पर हाईकोर्ट  अब सख्त हो गया है। अभिषेक पटेरिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि नोटिस के बावजूद राज्य सरकार जवाब पेश नहीं कर रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने चार हफ्ते की अंतिम मोहलत दी है और साफ कहा है कि अब किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता गोपेश तिवारी ने दलील दी कि रोजगार सहायक वर्षों से सेवा दे रहे हैं, लेकिन अब तक उनका नियमितीकरण नहीं हुआ। पंचायतों के ज्यादातर काम इन्हीं के जरिए हो रहे हैं। कोर्ट ने इसे गंभीर मानते हुए चेताया कि तय समय में जवाब नहीं आया तो एकतरफा निर्णय लिया जा सकता है।


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