36 वर्षीय विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास!

khabar pradhan

संवाददाता

13 May 2025

अपडेटेड: 1:04 PM 0thGMT+0530

36 वर्षीय विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास!

36 वर्षीय विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास!

भारतीय दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने सोमवार को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया। इसके साथ ही उनके 14 साल लंबे शानदार टेस्ट करियर का अंत हो गया। कोहली ने 123 टेस्ट मैचों में 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए और बतौर भारतीय चौथे सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज के रूप में अपना करियर खत्म किया।

14 साल का सफर!

2011 जमैका में वेस्ट इंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू । चार और 15 रन बनाए।

2012 पहला शतक, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट में 116 रन बनाए।

2014 एडिलेड टेस्ट में पहली बार कप्तानी। पहली पारी में 115 रन, दूसरी में 141 रन।

2016 पहला दोहरा शतक, विंडीज के खिलाफ 200 रन।

2022 साउथ अफ्रीका के खिलाफ बतौर कप्तान आखिरी टेस्ट मैच खेला।

2025 जनवरी में सिडनी में करियर का अंतिम टेस्ट खेला।

सिडनी में करियर का अंतिम टेस्ट खेला।

5 साल का गोल्डन एरा:

पीक पर दुनिया के बेस्ट बल्लेबाज रहे कोहली

**कोहली जब पीक पर थे, तब कोई भी बैटर उनके आसपास नजर नहीं आता था। डेब्यू के ज्यादा दोहरे शतक किसी ने भी कोहली (7) के बाद से नहीं लगाए। 2014-15 से लेकर 2019-20 तक टेस्ट में कोहली का राज चला। इस दौरान उन्होंने 55 मैचों में 63.65 की औसत से 5347 रन बनाए।

34 पारियों के अंतराल में जड़ दिए छह दोहरे शतक, केवल ब्रैडमैन से पीछे रहे।

जुलाई 2016 से दिसंबर 2017 तक केवल 18 महीने में कोहली ने 34 टेस्ट पारियों में 6 दोहरे शतक जमाए। इस मामले में 8 शतक के साथ केवल बैडमैन ही उनसे आगे रहे।

**दिग्गज भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने सोमवार को सोशल मीडिया पोस्ट में इसकी जानकारी दी। विराट ने लिखा- मुश्किल, लेकिन सही फैसला। वह 2024 में टी-20 से भी संन्यास ले चुके हैं। हालांकि वह वनडे खेलते रहेंगे। छह दिन पहले ही भारतीय कप्तान रोहित शमां ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ा था। सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सुनील गावस्कर के बाद विराट देश के लिए सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने वाले चौथे खिलाड़ी हैं। जबकि 21वीं सदी में डेब्यू करने वाले टेस्ट खिलाड़ियों में सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय हैं। अब तक 123 टेस्ट में 210 पारियों में उन्होंने 9230 रन बनाए।

इसलिए ‘विराट’… खुद्दार क्रिकेटर, टेस्ट में आक्रामकता के नए दौर की शुरुआत की।

*2015 में जब विराट ने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट श्रृंखला में 4 शतक लगाए, तो सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड ने तारीफ में लिखा था- ‘उनका सिर पूरे समय इतना स्थिर रहा, मानो किसी ने उसे धागे के जरिये क्रीज से बांध रखा हो !” 36 वर्ष की उम्र में विराट ने क्रिकेट के धीमे, मननशील किंतु जुझारू टेस्ट फॉर्मेट को अलविदा कह दिया। यह सुनने में अजीब लगता है, क्योंकि सामूहिक अवचेतन में विराट कोहली की कल्पना एक युवा-तुर्क के रूप में बसी है। जनवरी 2012 में विराट ने ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड ओवल में पहला टेस्ट शतक लगाया था। उस शतक ने कंगारूओं तक संदेशा भिजवाया था कि भारतीय टीम यहां संघर्ष के बिना हार मानने नहीं आई है। यह आक्रामकता, पलटकर जवाब देने की फितरत वे विराट-गुण थे, जो नए युवतर भारत का प्रतिनिधित्व करते थे। एक खुद्दार क्रिकेटर की कल्पना को भी मूर्तमान करते थे। उन्होंने जिस लड़ाकूपन को भारतीय टेस्ट टीमों में फूंका, उसे लौटकर शाबास कहने का मन होता है। –

सबसे सफल टेस्ट करियर में 7 दोहरे शतक 2014 से 2022 तक 68 टेस्ट में कप्तान, 40 जिताए। बतौर कप्तान 20 टेस्ट शतक। अफ्रीका के ग्रीम स्मिथ (25) से पीछे।

“विराट का टेस्ट क्रिकेट से संन्यासः 14 साल का करियर खत्म, 6 दिन पहले रोहित शर्मा भी छोड़ चुके टेस्ट क्रिकेट ।

कोहली की भारतीय टेस्ट क्रिकेट को दो बड़ी देन…

(1) 20 विकेटः टेस्ट में ऐसा गेंदबाजी अटैक तैयार किया, जो किसी भी परिस्थिति में विरोधी के 20 विकेट ले सके। उनकी कप्तानी में तेज गेंदबाजों ने 26 के औसत से हर 51.84वीं गेंद पर विकेट चटकाए। यह टेस्ट में विवियन रिचर्ड्स (80 के दशक में 51.39) के बाद किसी पेस अटैक का सर्वश्रेष्ठ स्ट्राइक रेट था।

(2)कोहली टेस्ट में नंबर 4 पर बैटिंग करते थे। भारत ने 2 साल में नंबर-4 पर 9 और बल्लेबाजों का आजमाया। कोहली को मौका सचिन, द्रविड़, लक्ष्मण ने संन्यास लेकर दिया था, अब युवाओं को वही मौका देने का समय है। यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, श्रेयस अय्यर इसे आगे ले जा सकते हैं।

फिटनेस कल्चरः

टेस्ट टीम में सबसे फिट खिलाड़ी रखे। उन्होंने इंडियन स्पोर्ट्स समिट में बताया था- 2014 में इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया में हार के बाद मैंने महसूस किया कि उनकी जीत की एक वजह बेहतर फिटनेस भी थी। इसलिए हमने अपनी टीम में फिटनेस कल्चर बनाया, खुद से शुरुआत की। सभी ने सहयोग किया।

एक साल में तीन टेस्ट खिलाड़ी रिटायर हो चुके हैं। अश्विन, रोहित और विराट। अगले इंग्लैंड दौरे के लिए सबसे अनुभवी टेस्ट खिलाड़ी हमारे गेंदबाज ही हैं। रवींद्र जडेजा 36, मोहम्मद शमी 34, बुमराह 31 साल के हैं। चयनकर्ता दो साल के टेस्ट साइकिल को देखकर ही टीम बनाए।

संन्यास क्यों? 6 साल से टेस्ट फॉर्म खराच थी। जनवरी 2020 से टेस्ट औसत सिर्फ 30.72 का रहा। ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज में 9 पारी में 190 रन ही बनाए। 2024-25 में 10 चार सिंगल डिजिट पर आउट।

भारत के लिए विराट की कप्तानी पारी !

(1)20 शतक—सबसे ज्यादा रन

(2)सबसे ज्यादा टेस्ट शतक

(3)सबसे ज्यादा टेस्ट जीत (40)

(4)किसी भारतीय कप्तान द्वारा टेस्ट पारी में सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (254*)

(5)आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2018)

(6)आईसीसी की दशक की बेस्ट टेस्ट टीम में (2010-2020)

(7)आईसीसी टेस्ट टीम ऑफ द ईयर (2018 और 2019)

(8)कोहली इंग्लैंड व ऑस्ट्रेलिया में एक सीरीज में 50+ की औसत से 500+ रन बनाने वाले द्रविड़ के बाद दुनिया के इकलौते बल्लेबाज।

(9)ऑस्ट्रेलिया से सीरीज के बाद आता रहा है संन्यास का दौर

(10)पहले भी भारतीय दिग्गजों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना अंतिम टेस्ट खेला। 2000 के बाद से इस लिस्ट में 10 नाम हैं।

कुंबले, गांगुली, द्रविड़, लक्ष्मण, सहवाग, धोनी, मुरली विजय, अश्विन, रोहित, कोहली के अंतिम टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रहे

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