राजा भोज विश्वविद्यालय दो नई भाषा में सर्टिफिकेट कोर्स करेगा शुरू:
संवाददाता
30 January 2026
अपडेटेड: 12:49 PM 0thGMT+0530
राजा भोज मुक्त विश्वविद्यालय में स्व- अधिगम पाठ्य सामग्री निर्माण पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें कुलगुरु प्रोफेसर मिलिंद दांडेकर ने शिक्षकों से कहा कि एसएलएम केवल पाठ्यक्रम सामग्री नहीं, बल्कि छात्रों के लिए मार्गदर्शन होना चाहिए। जिससे दूरस्थ शिक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मदद मिल सके। बताया गया कि भोज विश्वविद्यालय जल्द ही अन्य विश्वविद्यालयों की तर्ज पर दो नई भाषाओं में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है।
इसके साथ ही सभी डिग्रियों में डिजिटल सिग्नेचर की सुविधा भी लागू की जाएगी । सभी शिक्षकों के रिक्त पद भी भरे जाएंगे।
इस कार्यशाला के दूसरे दिन एसएलएम और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आधारित अध्ययन सामग्री पर भी विशेष चर्चा हुई इलेक्ट्रॉनिक विभाग के निदेशक डॉ नरेंद्र त्रिपाठी ने वीडियो फिल्म और डिजिटल तकनीक के जरिए एसएम निर्माण की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया। उन्होंने लुमिया ब्रदर की शुरुआती फिल्मों के उदाहरण से वीडियो प्रोडक्शन के विभिन्न चरणों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही विद्यार्थी सहायता विभाग के निदेशक डॉ रतन सूर्यवंशी ने प्रभावी एसएलएम लेखन, सरल भाषा ,समूल्यांकन और स्वर निर्देशित अध्ययन सामग्री के महत्व को भी बताया। इसके अंतिम सत्र में अकादमिक समन्वय निदेशक डॉक्टर हर्षवर्धन सिंह तोमर ने शिक्षकों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए और उन पर चर्चा भी की।