खामेनेई के निधन की खबर; इजरायल में फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की तैयारी
संवाददाता
1 March 2026
अपडेटेड: 11:16 AM 0stGMT+0530
1 march 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की खबर सामने आने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर इजरायल-ईरान टकराव और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। इसी बीच भारत सरकार ने इजरायल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और संभावित निकासी को लेकर तैयारी तेज कर दी है।
भारत सरकार अलर्ट मोड पर, दूतावास ने जारी किए निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, इजरायल में मौजूद भारतीय दूतावास लगातार वहां रह रहे नागरिकों के संपर्क में है। भारतीयों को सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। हेल्पलाइन नंबर और आपातकालीन संपर्क भी सक्रिय किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता मिल सके।
रेस्क्यू ऑपरेशन की रणनीति तैयार, जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानें
सरकार ने संकेत दिए हैं कि स्थिति गंभीर होने पर विशेष उड़ानों या सैन्य सहायता के जरिए भारतीयों को वापस लाया जा सकता है। पहले भी युद्ध जैसी परिस्थितियों में भारत ने सफलतापूर्वक अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला है, इसलिए इस बार भी वैसी ही योजना तैयार की जा रही है। एयरलिफ्ट, समुद्री मार्ग और पड़ोसी देशों के जरिए निकासी जैसे विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
युद्ध की आशंका पर दुनिया की नजर, कूटनीतिक कोशिशें तेज
खामेनेई के निधन के बाद ईरान की आंतरिक और बाहरी नीति में बदलाव की संभावना पर चर्चा शुरू हो गई है। कई देशों ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने और संघर्ष टालने के लिए कूटनीतिक प्रयास बढ़ा दिए हैं। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह तय होगा कि तनाव कम होगा या स्थिति और बिगड़ेगी।
भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और हर नागरिक को सुरक्षित वापस लाने के लिए सभी संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।