गिद्ध संरक्षण में आगे एमपी, आठवीं बार ‘वल्चर स्टेट’ बनने की उम्मीद

khabar pradhan

संवाददाता

6 March 2026

अपडेटेड: 2:38 PM 0thGMT+0530

गिद्ध संरक्षण में आगे एमपी, आठवीं बार ‘वल्चर स्टेट’ बनने की उम्मीद<br>

6 मार्च 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश को एक बार फिर ‘वल्चर स्टेट’ घोषित किए जाने की संभावना है। यदि हालिया सर्वे की अंतिम रिपोर्ट में गिद्धों की संख्या में बढ़ोतरी की पुष्टि होती है, तो प्रदेश यह दर्जा आठवीं बार हासिल कर सकता है। वर्ष 2019 से यह उपाधि मध्यप्रदेश के नाम दर्ज है।

वन विभाग द्वारा 20 से 22 फरवरी के बीच किए गए सर्वे में संकेत मिले हैं कि राज्य में गिद्धों की संख्या 13 से 14 हजार के पार पहुंच सकती है। पिछली गणना में प्रदेश में 12 हजार 981 गिद्ध पाए गए थे। इससे पहले वर्ष 2019 में यह संख्या 8 हजार 397, 2021 में 9 हजार 446 और 2024 में 10 हजार 845 दर्ज की गई थी। 2025 में 12981 हो गई थी

प्रदेश में गिद्धों की सात प्रमुख प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें चार स्थानीय और तीन प्रवासी प्रजातियां शामिल हैं। सर्वे के दौरान भारतीय गिद्ध, सिनेरीयस गिद्ध, मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजर) और हिमालयन ग्रिफोन प्रमुख रूप से दर्ज किए गए।

भोपाल वन मंडल में सबसे अधिक गिद्ध रायसेन जिले के हलाली डैम क्षेत्र में पाए गए हैं। इसके अलावा पचमढ़ी में लाल सिर वाले गिद्ध और भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में सफेद पीठ वाले गिद्ध भी देखे गए हैं।

हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रायसेन जिले के हलाली डैम क्षेत्र में विलुप्तप्राय प्रजाति के पांच गिद्धों को प्राकृतिक वातावरण में छोड़ा था। इन गिद्धों पर जीपीएस ट्रैकर लगाए गए हैं और वन विभाग उनकी निगरानी कर रहा है।

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