पापमोचनी एकादशी कब है? 14 या 15 मार्च–कब करें पापमोचनी एकादशी का पूजन और व्रत:
संवाददाता
13 March 2026
अपडेटेड: 12:12 PM 0thGMT+0530
13 मार्च 2026
पापमोचनी एकादशी -15 मार्च 2026:
शास्त्रों में एकादशी की महिमा बहुत ही अद्भुत मानी गई है । सभी एकादशी मनुष्य का कल्याण करती हैं ,सभी एकादशी का व्रत करने योग्य होती हैं और सभी एकादशी का पुण्य फल बहुत अधिक गहरा होता है।।
सभी एकादशी भगवान नारायण को प्रसन्न करने वाली होती है । प्रत्येक एकादशी का अपना अलग-अलग महत्व होता है ।
कोई धन देता है ,कोई संतान कोई, निरोग , तो कोई मोक्ष , या कोई पाप का हरण करता है ।
इसी प्रकार पाप मोचनी एकादशी जो चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है।
पाप मोचनी एकादशी व्रत :
पापमोचनी एकादशी -जो चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी होती है। इस एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश हो जाता है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री कृष्ण के द्वारा पद्म पुराण में यह वर्णन आता है कि जो मनुष्य इस एकादशी का व्रत करता है । उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं । इस एकादशी का एक व्रत ब्रह्म हत्या जैसे बड़े पाप का नाश कर देता है ।यानी मनुष्य के जीवन के जो संकट हैं ,उनका नाश होता है।
इस एकादशी का व्रत करने से हमारे जीवन में जो संकट हैं उसे समाप्त होते हैं और हमारा कल्याण होता है।
एकादशी का सही समय:
हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 को प्रातः 8:10 से प्रारंभ हो रही है और 15 मार्च को सुबह 9:16 पर एकादशी समाप्त हो रही है।
ओरिया तिथि के अनुसार 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत और पूजन किया जाएगा।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन श्रवण नक्षत्र और परधि योग का निर्माण हो रहा है और इस योग में भगवान विष्णु का पूजन अत्यंत शुभ फल देने वाला माना जाता है।
एकादशी व्रत का पारण द्वादिशी तिथि में किया जाएगा जो 16 मार्च को सुबह 9:30 तक होगा।
कैसे करें पूजन :
प्रातः काल सूर्योदय से पहले उठकर स्नानादि से निवृत हो स्वच्छ साफ कपड़े पहन पूजा स्थान को तैयार करें। एक चौकी पर श्वेत या लाल रंग का वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीले फूल और पीले रंग की मिठाई अत्यंत प्रिय होती है अतः पीले वस्त्र, पीले पुष्प और तुलसीदल अर्पित करें । पूजा स्थल के पास जल से भरा एक कलश रखें । घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु के मंऔत्रों का जाप करें।
ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करना अत्यंत शुभ होता है।
भगवान को भोग लगाकर आरती के साथ पूजन करें और सभी को प्रसाद वितरित करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी का व्रत करने से संकटों का नाश होता है ,पाप का क्षय होता है और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन पूजन के साथ-साथ दान पुण्य करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना शुभ होता है।