13 मार्च 2026 मध्य प्रदेश
चंबल के अभ्यारण में धड़ल्ले से अवैध रेत खनन चल रहा है। जिसके कारण वहां रहने वाले वन्य जीव विशेष कर घड़ियालों के अस्तित्व पर गंभीर और सीधा खतरा उत्पन्न हो गया है । कल शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और अवैध खनन की गतिविधियों के कारण सुप्रीम कोर्ट ने गहरी चिंता व्यक्त की ।
आपको बता दें कि पिछले वर्ष फरवरी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मुरैना के चंबल नदी के अभ्यारण में 10 घड़ियाल छोड़े थे। किंतु अवैध खनन होने से उनके प्राकृतिक आवास के विनाश के कारण इन्हें स्थानांतरित होने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जिससे उनके अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है।
चंबल का यह संरक्षित क्षेत्र काफी लंबे समय से अवैध खनन की गंभीर समस्या से जूझ रहा है । जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने यह स्पष्ट किया अवैध खनन एक गंभीर खतरा है और इससे जलीय वन्यजीवों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। और यह अवैध खनन को रोकने की अब तक की प्रक्रिया एक बड़ी चुनौती बन चुकी है जो काफी चिंताजनक है। इस मामले को आवश्यक निर्देशों के तहत मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखा जाएगा।


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