14 मार्च 2026
आगामी सिंहस्थ मेले से पहले संत समाज ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने नकली साधुओं और फर्जी बाबाओं के खिलाफ ‘कालनेमि अभियान’ चलाने की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें संत समाज से अलग करना है, जो साधु-संतों का रूप धारण कर समाज को भ्रमित करते हैं।

अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों के अनुसार कई लोग साधु का वेश धारण कर श्रद्धालुओं को ठगते हैं और इससे संत परंपरा की छवि खराब होती है। ऐसे लोगों पर रोक लगाने के लिए यह अभियान शुरू किया जा रहा है।

बताया गया है कि इस अभियान के तहत अखाड़ों से जुड़े संतों की पहचान और पंजीकरण की प्रक्रिया को भी मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को भी जागरूक किया जाएगा ताकि वे असली और नकली साधुओं के बीच अंतर समझ सकें।

संत समाज का कहना है कि सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालु आते हैं, इसलिए वहां फर्जी साधुओं की मौजूदगी रोकना जरूरी है। इसी उद्देश्य से ‘कालनेमि अभियान’ को शुरू किया जा रहा है, ताकि संत परंपरा की गरिमा बनी रहे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की ठगी का सामना न करना पड़े।