धार की धरती पर दौड़ी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन, 38 किमी ट्रैक पर ट्रायल सफल
संवाददाता
24 March 2026
अपडेटेड: 4:56 PM 0thGMT+0530
24 मार्च 2026
धार। जिले में पहली बार इलेक्ट्रिक ट्रेन का सफल ट्रायल पूरा हुआ है। इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत 38 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया गया, जिससे क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सोमवार को किए गए इस ट्रायल के दौरान ट्रेन को निर्धारित गति से चलाया गया और सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। दोपहर करीब 4:27 बजे ट्रेन धार स्टेशन पहुंची, जहां लोगों और जनप्रतिनिधियों ने इसका स्वागत किया।
यह परियोजना वर्ष 2008 में शुरू हुई थी, जिसकी लागत पहले 600 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 1800 करोड़ रुपये हो चुकी है। वर्तमान में धार स्टेशन का लगभग 75% काम पूरा हो चुका है और 25 मार्च को 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फाइनल स्पीड ट्रायल किया जाएगा।
इस रेल लाइन के चालू होने से धार-झाबुआ के आदिवासी क्षेत्र सीधे इंदौर और गुजरात से जुड़ जाएंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिल सकेगी।
परियोजना के पूर्ण होने की संभावना जून 2026 तक जताई जा रही है, जिसके बाद इस रूट पर नियमित ट्रेन संचालन शुरू हो सकता है।