सीजफायर पर ईरान की दो टूक –कहा ट्रंप पर भरोसा नहीं:
संवाददाता
26 March 2026
अपडेटेड: 9:23 PM 0thGMT+0530
26 मार्च 2026:
सीजफायर पर ट्रंप ने रखी शर्तें: जवाब में ईरान की 5 शर्तें:
मिडिल ईस्ट में जंग के हालात दिन पर दिन बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच ईरान जंग के मैदान से पीछे हटने को तैयार नहीं है। ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के सीजफायर डील के दावे से दो टूक इनकार किया है। उसने कहा है कि ट्रम्प भरोसेमंद नहीं हैं। उनके साथ डील नहीं, जंग से ही आरपार करेंगे। ईरानी सेना की सेंट्रल कमान के कमांडर इब्राहीम जौल्फागारी ने कहा, ट्रम्प खुद से ही डील कर खुश हो रहे हैं। हमें कोई दिक्कत नहीं। इस बीच, ईरानी सेना ने बुधवार को अरब सागर में अमेरिकी युद्धपोत अब्राहम लिंकन पर हमला किया। ईरान ने खाड़ी के देश कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागीं। युद्ध के दौरान तीन दिन में पहली बार ईरान ने अमेरिकी बेस को निशाना बनाया है। इजराइल में नेगेव, तेल अवीव पर हमले किए।
इजराइल ने ईरान की राजधानी तेहरान और इस्फाहन पर एयर स्ट्राइक की। पता चला है कि इजराइल ने बंदरअब्बास में ईरान के नेवल बेस पर बम बरसाए। इजराइल ने लेबनान पर भी हमले तेज किए। आपको बता दें कि ट्रम्प ने 23 मार्च को ईरानी पावर प्रोजेक्ट्स पर हमले नहीं करके सीजफायर का ऐलान किया था।
ट्रंप ने ईरान को एटमी प्रोग्राम रोकने हेतु कहा:
ट्रंप ने सीजफायर के लिए 15 पॉइंट की डील ऑफर की है।
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को रोक और उसे परिष्कृत यूरेनियम को अमेरिका को सौंपना होगा।
ईरान को 1 महीने के लिए पूर्ण शीश फायर करना होगा।
ईरान को हार्मोन स्टेट को युद्ध से पूर्व की तरह खोलना होगा।
खाडी के देशों में सक्रिय अपने प्रोक्सी ग्रुप हिज्बुल्लाह हमास और हूती को सपोर्ट करना बंद करना होगा।
ईरान को मिसाइल स्टॉक की जांच करानी पड़ेगी।
पाकिस्तान और तुर्किया की मध्यस्थता में डील पूरा करें। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद जाएंगे।
ईरान का कहना है उसे हार्मुज टैक्स का हक मिले -अमेरिका खाड़ी देशों में सैन्य बेस को बंद करें
ईरान लीडर मुस्तफा खोमनेई के नेतृत्व में पांच मांगों पर अड़ा हुआ है ईरान जिसमें कई समझौते शामिल है।
*अमेरिका खाड़ी देशों में अपने 19 सैन्य बेसों को तुरंत बंद करें।
*ईरान को हार्मुज स्ट्रेट में टैक्स वसूली का कानूनी हक मिले।
*इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी प्राप्त हो।
* युद्ध में ईरान को अब तक हुए नुकसान का अमेरिका इजरायल मुआवजा भी दे।
*ईरान पर अमेरिका इजरायल तुरंत हमले बंद करें है । हिजबुल्ला, हमास और हूती पर और अटैक ना हो।
*भविष्य में ईरान पर अमेरिका और इसराइल हमला न करें । इसकी गारंटी भी दोनों देश ईरान को दें।