15 अप्रैल 2026
जांजगीर/चांपा
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहाँ स्थित वेदांता पावर प्लांट में अचानक बॉयलर फटने से 10 श्रमिकों की मौत हो गई। इस धमाके में करीब 36 अन्य मजदूर घायल हुए हैं, जिनमें से 6 की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल श्रमिकों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।
धमाके के बाद परिसर में मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जिस वक्त यह हादसा हुआ, प्लांट में करीब 50 श्रमिक काम कर रहे थे। बॉयलर फटने का धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरे परिसर में आग और धुएं का गुबार फैल गया। अचानक हुए इस विस्फोट से वहां मौजूद मजदूरों के बीच भगदड़ मच गई। कई मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं, जबकि कुछ मलबे और धमाके की चपेट में आने से घायल हुए हैं।
सरकार ने दिए जांच के आदेश और मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि:
इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
आर्थिक सहायता की घोषणा:
हादसे का शिकार हुए परिवारों के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है:
1. प्रधानमंत्री राहत कोष:मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
2. राज्य सरकार: मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देगी।
इस तरह हर मृतक के परिवार को कुल 7 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
विपक्ष ने प्रबंधन पर उठाए सवाल
इस हादसे के बाद राजनीति भी गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव कन्हैया अग्रवाल ने इसे प्रबंधन की ‘अपराधिक लापरवाही’ करार दिया है। कांग्रेस ने मांग की है कि मृतक परिवारों को 50-50 लाख रुपये और घायलों को 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने और प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर है।


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