16 अप्रैल 2026

इंदौर:
इंदौर में राजनीति गरमा गई है। शहर की दो कांग्रेस महिला पार्षदों, रूबीना खान और फौजिया शेख के खिलाफ एमजी रोड पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। उन पर राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करने और समाज में नफरत फैलाने की कोशिश करने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 8 अप्रैल की है, जब नगर निगम परिषद का बजट सत्र चल रहा था। डीसीपी राजेश व्यास ने बताया कि सभापति मुन्नालाल यादव और पार्षद कमल वाघेला, सुरेश कुरवाड़े व गजानंद गावड़े ने इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत के अनुसार, उस दिन फौजिया शेख का प्रश्न पहले नंबर पर था, लेकिन वह सदन में देरी से पहुंचीं। करीब एक घंटे बाद आने पर उन्होंने अपना प्रश्न पूछने की जिद शुरू कर दी। इस पर पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने आपत्ति जताई और कहा कि आप अक्सर वंदे मातरम के समय सदन में मौजूद नहीं रहती हैं।
विवाद की वजह
आरोप है कि इस बात पर पार्षद फौजिया शेख भड़क गईं और उन्होंने साफ कह दिया कि वह ‘वंदे मातरम’ नहीं गाएंगी। उनका साथ देते हुए पार्षद रूबीना खान ने भी विवादित टिप्पणी कर दी। इस घटना के बाद सदन में काफी हंगामा हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मीडिया को दिए गए बयानों की जांच की। एसीपी विनोद दीक्षित और टीआई विजयसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में हुई इस जांच के बाद दोनों पार्षदों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के विश्लेषण और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस घटना के बाद से ही शहर के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है और प्रशासन मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है।