20 अप्रैल 2026
कोलकाता:

पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक बेहद अनूठा और दोस्ताना अंदाज देखने को मिला। चुनावी सभा खत्म करने के बाद जब प्रधानमंत्री का काफिला हेलिपैड की ओर जा रहा था, तभी अचानक उन्होंने अपनी गाड़ियां रुकवा दीं। पीएम मोदी को अचानक गाड़ी से उतरते देख सुरक्षाकर्मी और वहां मौजूद लोग दंग रह गए।
प्रधानमंत्री सीधे कॉलेज मोड़ पर स्थित एक ‘झालमुड़ी’ (मुरमुरे से बना स्ट्रीट स्नैक) की दुकान पर पहुंच गए और मुस्कुराते हुए दुकानदार से कहा— “भाई, झालमुड़ी खिलाओ।”

दुकानदार के साथ मजेदार बातचीत
झालमुड़ी बेचने वाले विक्रम साव प्रधानमंत्री को अपने सामने देख हक्का-बक्का रह गए। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, पीएम मोदी ने 10 रुपये की झालमुड़ी का ऑर्डर दे दिया। झालमुड़ी तैयार करते समय दुकानदार विक्रम और प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया:
विक्रम: “साहब, मिर्च डालेंगे?”
पीएम मोदी: “हां, डालो।”
विक्रम: “प्याज डालेंगे?”
पीएम मोदी (हंसते हुए): “प्याज तो मैं खाता हूं, बस किसी का दिमाग नहीं खाता!”
प्रधानमंत्री का यह मजाकिया अंदाज सुनकर वहां मौजूद लोग खिलखिला कर हंस पड़े। सोशल मीडिया पर अब इस वाक्य को लेकर खूब चर्चा हो रही है।

जब झालमुड़ी तैयार हो गई, तो दुकानदार विक्रम पैसे लेने में संकोच करने लगे। इस पर प्रधानमंत्री ने गंभीरता से कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने तुरंत अपनी जेब से पैसे निकाले और खुद दुकानदार के हाथ में थमाए।
सिर्फ इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने झालमुड़ी का दोना वहां खड़े अन्य लोगों और बच्चों की तरफ भी बढ़ाया और उन्हें भी स्वाद चखने को दिया। इस दौरान स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाकर उनका स्वागत किया।
इंटरनेट पर ‘मुड़ी पे चर्चा’ की धूम
प्रधानमंत्री के इस सहज जनसंपर्क को इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लोगों ने हाथों-हाथ लिया है। यूजर्स इसे ‘मुड़ी पे चर्चा’ के रूप में शेयर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने भी खुद इस पल की तस्वीरों को साझा किया है। व्यस्त चुनावी कार्यक्रमों के बीच प्रधानमंत्री का यह सरल व्यवहार चर्चा का विषय बना हुआ है।

दूसरी तरफ: धमकी के साये में प्रवासी वोटर
इसी बीच बंगाल से एक चिंताजनक खबर भी आई है। काम के सिलसिले में दूसरे राज्यों में रह रहे प्रवासी श्रमिकों को अज्ञात नंबरों से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उनसे कहा जा रहा है कि— “जल्दी घर लौटकर वोट डालो, वरना तुम्हारा राशन कार्ड और आधार कार्ड रद्द कर दिया जाएगा।” इस डर की वजह से कई मजदूर मतदान की तारीख से काफी पहले ही घर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। प्रशासन इन धमकी भरे कॉल्स की जांच कर रहा है।