28 अप्रैल 2026

भोपाल:
भोपाल के नए कलेक्टर प्रियंक मिश्रा शहर की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए पूरी तरह एक्टिव नजर आ रहे हैं। रविवार की देर रात उन्होंने शहर का औचक निरीक्षण किया और कानून व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उनके साथ पुलिस कमिश्नर संजय कुमार भी मौजूद थे। रात 12 बजे से लेकर तड़के 2 बजे तक चले इस दौरे में कलेक्टर ने कई अहम निर्देश दिए हैं।
देर रात तक खुली दुकानों पर जताई नाराजगी
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस कमिश्नर सबसे पहले शाहजहानाबाद थाना पहुंचे। वहां उन्होंने ड्यूटी रजिस्टर चेक किया और स्टाफ से बातचीत की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि रात 12 बजे के बाद भी कई दुकानें खुली हुई थीं। इस पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने तुरंत निर्देश दिए कि रात 12 बजे के बाद दुकानें बंद करवाई जाएं। उन्होंने साफ कहा कि देर रात तक दुकानें खुलने से सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर असर पड़ता है।
रैन बसेरों और विकास कार्यों का जायजा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का काफिला काजी कैंप, अल्पना तिराहा और सुल्तानिया अस्पताल के पास भी पहुंचा। वहां उन्होंने मेट्रो प्रोजेक्ट के काम की प्रगति देखी। जब वे सुल्तानिया अस्पताल के पास बने रैन बसेरे में पहुंचे, तो वहां क्षमता से ज्यादा भीड़ मिली। लोगों की परेशानी को देखते हुए कलेक्टर ने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां रुकने वाले लोगों के लिए तुरंत अतिरिक्त और बेहतर व्यवस्थाएं की जाएं।
नशे के कारोबार और खुले में नशा करने वालों पर लगाम
शहर में बढ़ते नशे की शिकायतों को लेकर भी कलेक्टर सख्त दिखे। उन्होंने पुलिस और प्रशासन को निर्देश दिए कि जो लोग खुले में नशा करते हैं या नशे के अवैध कारोबार में शामिल हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशे की वजह से अपराध बढ़ते हैं, इसलिए इस पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।
सरकारी काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं
अगले दिन सोमवार को समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि राजस्व के पुराने मामलों को बिना किसी ठोस कारण के लंबे समय तक न लटकाया जाए। नामांतरण, बंटवारे और सीमांकन जैसे काम तय समय के अंदर पूरे होने चाहिए।
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को जल्द से जल्द हटाया जाए और मेट्रो प्रोजेक्ट के काम में आने वाली बाधाओं को दूर किया जाए। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा उनकी प्राथमिकता में रहेगा ताकि आम जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।