28 अप्रैल 2026
बहराइच:
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से दोस्ती और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ घाघरा नदी में नहाने गए एक 11 साल के बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया, लेकिन उसके पांच दोस्तों ने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत से टक्कर ली और अपने साथी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
नहाते वक्त अचानक हुआ हमला
घटना सुकईपुरवा मजरे मंगरवल क्षेत्र की है। सोमवार को कक्षा 5 में पढ़ने वाला 11 वर्षीय नैतिक (उर्फ शिव प्रसाद) अपने पांच दोस्तों—अखिल, मिश्रा, सूचित, बसंत कुमार और दो अन्य साथियों के साथ गर्मी से राहत पाने के लिए घाघरा नदी के किनारे गया था। सभी बच्चे नदी के पानी में नहा रहे थे, तभी अचानक पानी के भीतर छिपे एक विशालकाय मगरमच्छ ने नैतिक पर हमला कर दिया।
पैर दबोचकर पानी के भीतर खींचने लगा मगरमच्छ
मगरमच्छ ने नैतिक के बाएं पैर को अपने मजबूत जबड़ों में दबोच लिया और उसे गहरे पानी की तरफ खींचने लगा। नैतिक की चीख सुनकर किनारे पर मौजूद उसके दोस्त सहम गए, लेकिन उन्होंने भागने के बजाय अपने दोस्त को बचाने का फैसला किया।
डंडों से किया हमला, हार मानकर भागा मगरमच्छ
नैतिक के पांचों दोस्तों ने गजब की सूझबूझ दिखाई। उन्होंने तुरंत पास में पड़े लाठी-डंडे उठाए और मगरमच्छ के मुंह और शरीर पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। पांचों बच्चे एक साथ मगरमच्छ से भिड़ गए। लगातार हो रहे प्रहार से घबराकर मगरमच्छ ने नैतिक का पैर छोड़ दिया और वापस गहरे पानी में चला गया।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर पर खतरे से बाहर
मगरमच्छ के हमले में नैतिक का पैर बुरी तरह जख्मी हो गया है। घटना के तुरंत बाद दोस्त उसे घर लेकर पहुंचे, जहां से घरवाले उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले गए। फिलहाल नैतिक का इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर है लेकिन समय पर इलाज मिलने से वह खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
पूरे इलाके में इन पांचों बच्चों की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर इन नन्हे जांबाजों ने हिम्मत न दिखाई होती, तो आज एक बड़ा हादसा हो सकता था।


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