28 अप्रैल 2026
लाहौर:
पाकिस्तान में छिपे बैठे भारत के दुश्मनों पर “अज्ञात हमलावरों” का कहर जारी है। ताजा मामले में मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के बेहद करीबी सहयोगी और लश्कर-ए-तैयबा के अहम आतंकी शेख यूसुफ अफरीदी की हत्या कर दी गई है। यह घटना पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुई है।
घात लगाकर किया हमला, बचने का नहीं मिला मौका
जानकारी के अनुसार, यह हमला खैबर क्षेत्र के लांडी कोटल में हुआ, जो राजधानी इस्लामाबाद से करीब 250 किलोमीटर दूर है। यूसुफ अफरीदी जब वहां मौजूद था, तभी हथियारबंद हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं। हमला इतना अचानक और तेज था कि अफरीदी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर आसानी से फरार होने में कामयाब रहे।
लश्कर के लिए भर्तियां करता था अफरीदी
यूसुफ अफरीदी का मारा जाना लश्कर-ए-तैयबा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। वह खैबर पख्तूनख्वा इलाके में लश्कर के लिए नए लड़कों की भर्ती करने और उनके बीच तालमेल बिठाने का मुख्य काम देखता था। वह जखाखेल कबीले से ताल्लुक रखता था और उसे सलाफी विचारधारा का बड़ा जानकार माना जाता था।
पाकिस्तान में आतंकियों की शामत, दहशत का माहौल
अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच अधिकारी इसे “टारगेट किलिंग” का मामला मान रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकियों के मारे जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है:
पिछले महीने लाहौर में लश्कर के सह-संस्थापक आमिर हमजा पर हमला हुआ था।
इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई इब्राहिम अतहर की भी रहस्यमय परिस्थितियों में मौत की खबरें आई थीं।
इन लगातार हो रही हत्याओं से पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकी संगठनों के बीच भारी डर का माहौल है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने हमलावरों को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया है, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।


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