28 अप्रैल 2026:
खबर प्रधान डेस्क:
केंद्र सरकार ने देश में आने और जाने वाली विदेशी एयरलाइंस के लिए नियम अब सख्त कर दिये हैं। यानी अब विदेशी एयरलाइंस यदि सुरक्षा मानकों का पालन न करें या गंभीर खामियां पाई जाती है तो उनकी अनुमति रद्द की जा सकती है या निलंबित की जा सकती है।
डीजीसीए प्रमुख वीर विक्रम यादव ने कहा है कि अब हर विदेशी एयरलाइन को भारत में एक स्थानीय प्रतिनिधि नियुक्त करना होगा और यह प्रतिनिधि नियामक एजेंसी के साथ समन्वय करेगा।
डीजीसीए ने स्पष्ट किया है की सुरक्षा मानकों का पालन न करना, एयरलाइन के स्वामित्व और नियंत्रण नामित देश के पास न होने पर भी एयरलाइन की अनुमति रद्द की जा सकती है या निलंबित की जा सकती है । साथ ही यह भी कहा कि मामला यदि अति आवश्यक ना हो किसी भी कार्रवाई के पहले संबंधित देश की सरकार से बातचीत भी की जाएगी।
1..विदेशी एयरलाइन किसी हवाई अड्डे से लगातार चार ट्रैफिक सीजन उड़ान संचालित नहीं करती है, तो उस पर हवाई अड्डे के लिए उसकी अनुमति स्वयं ही निलंबित हो जाएगी।
2…कोई भी विदेशी एयरलाइन को अतिरिक्त उड़ानों के लिए सात कार्य दिवस में पहले आवेदन देना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी उड़ाने तय अधिकारों और स्वीकार किये गये स्लास्ट्स पर होंगे।
3..विदेशी एयरलाइंस को लोगों की शिकायतों के निवारण के लिए व्यवस्था भी बनानी होगी।
4..भारतीय एयरलाइंस की तरह उपभोक्ता संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। शिकायतों का रिकॉर्ड रखना और डीजीसीए को उसकी रिपोर्ट भी देनी होगी।


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