12 मई 2026
नई दिल्ली:

भारत में खेती को लेकर अब एक बहुत बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब तक हमारी खेती का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा अनाज पैदा करना और लोगों का पेट भरना था, लेकिन अब केंद्र सरकार इसे सीधे लोगों की सेहत से जोड़ने जा रही है। इसका मतलब है कि भविष्य में किसान ऐसा अनाज उगाएंगे जो आपको बीमार होने से भी बचाएगा।
क्या है यह नया मिशन?
केंद्र सरकार ने इसके लिए एक खास योजना की शुरुआत की है, जिसका नाम है साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चर ट्रांसफॉर्मेशन। इस मिशन को आसान भाषा में समझें तो यह कृषि के जरिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े बदलाव लाने की एक कोशिश है।
इस नई पहल की शुरुआत सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मिलकर की। यह पहली बार हो रहा है जब देश के दो सबसे बड़े विभाग, कृषि और स्वास्थ्य, एक साथ मिलकर किसी साझे लक्ष्य पर काम करेंगे।
दो बड़े संस्थान मिलकर करेंगे काम
इस मिशन को सफल बनाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने हाथ मिलाया है। ये दोनों संस्थाएं मिलकर ऐसी खेती और खाद्य प्रणाली तैयार करेंगी जिससे न केवल भूख मिटेगी, बल्कि शरीर को वो पोषक तत्व मिलेंगे जो बीमारियों के खतरे को कम करते हैं।
आम जनता को क्या होगा फायदा?
आमतौर पर हम सिर्फ अनाज की मात्रा पर ध्यान देते हैं, लेकिन इस मिशन के बाद अनाज की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों पर जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अगर हमारी थाली का खाना सेहतमंद होगा, तो अस्पतालों पर बढ़ता बोझ कम होगा और देश का हर नागरिक स्वस्थ रहेगा। अब खेती सिर्फ फसल उगाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह बेहतर स्वास्थ्य का जरिया बनेगी।