12 मई 2026
नई दिल्ली:
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को देखते हुए, भारत सरकार ने देश में उपलब्ध पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारों की विस्तृत समीक्षा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में गठित अनौपचारिक मंत्री समूह (IGoM) की पांचवीं बैठक में यह जानकारी साझा की गई कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
भंडारण की वर्तमान स्थिति
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के पास वर्तमान में निम्नलिखित भंडार उपलब्ध हैं:
कच्चा तेल (Crude Oil): 60 दिनों का पर्याप्त स्टॉक।
प्राकृतिक गैस (Natural Gas): 60 दिनों का भंडार उपलब्ध है।
एलपीजी (LPG): 45 दिनों का भंडार सुरक्षित है।
प्रमुख बिंदु और सरकारी आश्वासन
आर्थिक मजबूती: अधिकारियों ने बताया कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर के आरामदायक स्तर पर है, जो किसी भी वैश्विक संकट से निपटने में सहायक है।
वैश्विक स्थिति: जहाँ दुनिया के कई देशों ने आपातकालीन उपायों के तहत घरेलू खपत में कटौती की है, वहीं भारत में स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य बनी हुई है।
भारत का वैश्विक कद: भारत वर्तमान में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल रिफाइनर है। साथ ही, यह पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक देश है, जो 150 से अधिक देशों को निर्यात करता है।
बैठक में शामिल प्रमुख चेहरे: इस महत्वपूर्ण बैठक में रक्षा मंत्री के अलावा पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, जेपी नड्डा, अश्विनी वैष्णव, किरेन रिजीजू और केआर नायडू जैसे वरिष्ठ मंत्री शामिल थे।
इस मंत्री समूह (IGoM) का गठन मार्च 2026 में पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर किया गया था ताकि देश की ऊर्जा जरूरतों और बाजार की स्थिति पर पैनी नजर रखी जा सके। सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल के संयमित इस्तेमाल की अपील के बाद पैदा हुई आशंकाओं को दूर करने के लिए दिया गया है।


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