14 मई 2026

नई दिल्ली:
नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। एफआईआर दर्ज करने के दूसरे ही दिन एजेंसी ने देशव्यापी छापेमारी की और जयपुर, गुरुग्राम और नासिक से कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
प्रमुख गिरफ्तारियां और छापेमारी
सीबीआई की कार्रवाई के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों में नासिक से 30 वर्षीय शुभम खैरनार, गुरुग्राम से यश यादव और जयपुर से मांगीलाल बिवाल, दिनेश और विकास बिवाल शामिल हैं। शुभम खैरनार को पूछताछ के लिए नासिक से दिल्ली लाया गया है, जिसे गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा। जांच टीम ने संदिग्धों के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप जैसे कई डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए हैं।
एनटीए दफ्तर में छानबीन
पेपर लीक की गहराई तक पहुँचने के लिए सीबीआई की टीम ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुख्यालय में दिनभर तलाशी ली। इस दौरान परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों से भी लंबी पूछताछ की गई ताकि महत्वपूर्ण दस्तावेज हासिल किए जा सकें।
महाराष्ट्र से अन्य गिरफ्तारी
शुभम से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय निवृत्ति लोखंडे (26 वर्ष) और पुणे से ब्यूटीशियन का काम करने वाली मनीषा वाघमारे को भी हिरासत में लिया है। इसके अलावा, लातूर जिले में पुलिस ने कोचिंग क्लास के कुछ कर्मचारियों सहित छह अन्य लोगों से पूछताछ की है।
10 राज्यों में फैला था जाल
राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में यह खुलासा हुआ है कि नीट का लीक पेपर देश के करीब 10 राज्यों में बेचा गया था। एसओजी के आईजी अजयपाल लांबा के मुताबिक, यह पेपर परीक्षा से करीब दो हफ्ते पहले ही माफियाओं के पास पहुँच गया था। अनुमान है कि लगभग 150 छात्रों के पास यह लीक पेपर पहुँचा था। सीबीआई इस मामले में राजस्थान एसओजी की मदद ले रही है, जिन्होंने शुरुआती जांच की थी।