21 मई 2026
धार:
भोजशाला को मंदिर मानने और एएसआई द्वारा साल के 365 दिन पूजा की व्यवस्था लागू होने के बाद पहला शुक्रवार, शांति बनाए रखने के लिए एडवाइजरी जारी।
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट का एक बड़ा फैसला आया है। इस फैसले के बाद अब आने वाले शुक्रवार पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर मानने और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को साल के 365 दिन यहां निर्बाध (बिना किसी रुकावट के) पूजा की व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद धार जिला और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है।
शुक्रवार को दोपहर 1 से 3 बजे के बीच होती है नमाज
हाई कोर्ट के इस नए फैसले से पहले तक की व्यवस्था के अनुसार, हर शुक्रवार को दोपहर एक से तीन बजे के बीच मुस्लिम समुदाय के लोग भोजशाला परिसर में नमाज अदा करते आ रहे हैं। अब नई परिस्थितियों और हाई कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को होने वाली गतिविधियों को देखते हुए प्रशासन बेहद चौकन्ना है ताकि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी, अफवाहों से बचने की अपील
संभावित गतिविधियों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने बुधवार को ही एक विशेष एडवाइजरी जारी कर दी है। धार के एसपी सचिन शर्मा ने लोगों से अपील करते हुए कहा है:
“लोग किसी भी तरह की अफवाह या बहकावे में न आएं। ऐसी किसी भी गतिविधि में शामिल न हों जो कानून या कोर्ट के निर्देशों के खिलाफ हो। शांति, कानून-व्यवस्था और आपसी सौहार्द बनाए रखने में सहयोग करें।”
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि हाई कोर्ट का आदेश सभी के लिए बाध्यकारी है और इसका अक्षरशः (पूरी तरह से) पालन कराया जाएगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी करने वाले या भड़काऊ और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुस्लिम नेता की अपील: सुप्रीम कोर्ट जाकर वक्त बर्बाद न करें
इस बीच, ऑल इंडिया यूनाइटेड मुस्लिम मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता हाफिज गुलाम सरवर ने मुस्लिम संगठनों से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि कुछ मुस्लिम नेता इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने की बात कर रहे हैं, लेकिन वे उनसे अपील करते हैं कि ऐसा न करें। कोर्ट अपना फैसला सुना चुका है और सुप्रीम कोर्ट जाने से भी इसके परिणाम नहीं बदलेंगे। हमें इसे यहीं स्वीकार कर समाज को आगे बढ़ाना चाहिए।
क्या भोजशाला के नीचे विराजमान हैं हनुमान जी?
हाई कोर्ट के इस विस्तृत फैसले में एक बेहद दिलचस्प दावा भी दर्ज हुआ है, जिसने इस पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है। कोर्ट के आदेश में हिंदू पक्ष की ओर से यह दावा किया गया है कि भोजशाला परिसर के नीचे आज भी हनुमान जी की एक बड़ी प्रतिमा दबी हुई है। हालांकि, कोर्ट ने साफ किया है कि यह अदालत का स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं है, बल्कि याचिकाकर्ता द्वारा रखे गए दावों और तथ्यों के विवरण का एक हिस्सा है, जिसे कोर्ट ने अपने आदेश में रिकॉर्ड किया है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान कोर्ट के आदेश का शांतिपूर्वक पालन कराने पर है।


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