26 जून 2026 :
महाराष्ट्र मुंबई:
मुंबई की लोकल ट्रेन में चाकू मार कर की गई दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया है। 22 वर्षीय सेल्समैन मयंक लोहार की चलती हुई लोकल ट्रेन में चाकू मार कर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि भारी बारिश के दौरान ट्रेन का दरवाजा बंद करने को लेकर मामूली बहस शुरू हुई जो कुछ ही देर में खूनी वारदात में बदल गई।
आखिर कैसे एक छोटा सा विवाद इतना बढ़ा कि किसी की जान ही चली गई। आरोपी रोशन सुवर्णा है जिसने इस वारदात को अंजाम दिया है।
परिवार का इकलौता सहारा था मयंक लोहार:
मयंक लोहार 22 वर्षीय मंगलवार की रात चर्चगेट से नालासोपारा जाने वाली फास्ट लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास कोच में सफर कर रहा था। बाहर तेज बारिश हो रही थी ।क्षइस दौरान ट्रेन के दरवाजे को बंद करने को लेकर एक दूसरे यात्री से उसकी बहस हो गई । शुरुआत में यह सिर्फ एक कहा सुनी थी ,लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि कुछ यात्री ने आरोपी को धक्का दे दिया और मारपीट करने की कोशिश भी की।
बताया जा रहा है कि इसी गुस्से में आरोपी ने अपने बैग से चाकू निकाला और भीड़ से भरी हुई चलती ट्रेन के अंदर मयंक पर हमला बोल दिया। हमला इतना अचानक था कि किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला और मयंक वही ट्रेन के फर्श पर गिर गया और कुछ ही मिनट में उसकी मौत हो गई।
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह था उस डिब्बे में कई यात्री मौजूद थे ।क्षलेकिन कोई भी आरोपी के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। आरोपी हाथ में चाकू लेकर आराम से ट्रेन के अंदर चलता हुआ दिखाई देता है । जबकि मयंक खून से लथपथ फर्श पर पड़ा हुआ था।
इस घटना के बाद आरोपी रोशन सुवर्णा को पुलिस ने मुंबई के कुर्ला इलाके से गिरफ्तार कर लिया गयाहै। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
मयंक की मौत पर मां ने की इंसाफ की मांग:
अपने बेटे की मौत पर मां सिर्फ एक ही सवाल कर रही है कि मेरे बेटे को इंसाफ दिला दो।क्ष मेरा बेटा कभी किसी से नहीं लड़ता था। कल ही घर से निकला था और अब तक वापस नहीं आया । वहीं मयंक की बहन भी सवाल कर रही है कि जब ट्रेन में इतने लोग थे तो कोई उसे बचाने के लिए आगे क्यों नहीं आया। मयंक परिवार का इकलौता सहारा था। किंतु कुछ ही मिनटों के गुस्से और हिंसा की वजह से परिवार का इकलौता सहारा कुछ ही मिनट में हमेशा के लिए खत्म हो गया।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है । मामले की जांच जारी है। किंतु एक सवाल अभी भी बाकी है, कि छोटी सी बहस, कुछ सेकंड का गुस्सा और एक परिवार हमेशा के लिए उजड़ गया।


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