Share

30 June 2026: मंगलवार

स्वास्थ्य सेवाओं को पहले से ज्यादा सरल तेज और आम नागरिकों तक आसानी से पहुँचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी कई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की हैl अब आयुष्मान लाभार्थी व्हाट्सएप के माध्यम से भी आयुष्मान भारत की सेवाओं तक पहुंच सकेंगे l
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में नागरिकों की सुविधा बढ़ाने के लिए इस नई पहल की घोषणा की l
इसका उद्देश्य लोगों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी और सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना हैl

व्हाट्सएप के माध्यम से क्या-क्या सुविधा प्राप्त होगी? इस नई व्यवस्था के अंतर्गत लाभार्थी व्हाट्सएप के माध्यम से कई जरूरी सेवाओं का उपयोग कर पाएंगे l
जैसे
*नजदीकी पैनल अस्पताल की जानकारी प्राप्त करना *आयुष्मान कार्ड बनाने और उससे जुड़ी जानकारी लेना *योजना की पात्रता और लाभ की जानकारी लेना
*स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े मार्गदर्शन तक पहुंचना

क्या करना होगा?
इसके लिए उपभोगकर्ताओं को निर्धारित नंबर पर संदेश भेज कर सुविधा सेवाओं तक पहुंच मिलेगी l

आयुष्मान साथी और डिजिटल हेल्थ नेटवर्क पर जोर
वर्तमान सरकार ने आयुष्मान साथी जैसी डिजिटल सुविधा को भी आगे बढ़ाया है l जिसके माध्यम से लाभार्थियों को अस्पतालों और स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़ी जानकारी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से मिल सकेगी l साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ने के लिए यूनिफाइड हेल्थ इंटरफेस UHI जैसे प्रयासों को भी मजबूत किया जा रहा है l ताकि मरीज विभिन्न डिजिटल माध्यमों से स्वास्थ्य सेवाओं तक आसानी से पहुंच सके l

आरोग्य सेतु 2.0 का भी विस्तार
इस नई पहल के तहत आरोग्य सेतु 2.0 को व्यक्ति और स्वास्थ्य रिकॉर्ड और स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में आगे बढ़ाने की योजना हैl इसके माध्यम से स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जा सकेगा l बीमा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनेगी l आवश्यकता पड़ने पर रिकॉर्ड शेयर करना अधिक सरल हो सकेगा l सरकार का कहना है कि, इन सभी पहलों का उद्देश्य नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच देना, डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और भविष्य के स्वास्थ्य ढांचे को अधिक प्रभावी बनाना है l
इन नई डिजिटल सुविधाओं के जरिए आम जनता को अब स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लेने और आवश्यक सेवाओं का उपयोग करने के लिए अलग-अलग प्लेटफार्म पर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है l


Share