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2 जुलाई 2026 :
मध्य प्रदेश:
मध्य प्रदेश में देर से ही सही मानसून में दस्तक दे दी है‌  इस बार मानसून तय समय से पूरे 11 दिन की देरी से आया है। और इस मानसून ने पूरे मध्य प्रदेश को तरबतर दिया है।
जुलाई माह में मानसून 12 साल बाद आया:
पूरे 12 साल के बाद यह मानसून जुलाई में भोपाल आया।  इसके पहले साल 2014 में 7 जुलाई को मानसून भोपाल पहुंचा था। मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने प्रदेश में 24 जून को प्रवेश किया और भोपाल में आगमन तय समय से 11 दिन की देरी से पहुंचा‌ ।  मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में अच्छी बारिश के आसार नजर आने की संभावना है।
अच्छी बारिश की संभावना:
आमतौर पर यह माना जाता है की देरी से आने वाला मानसून से कम बारिश होती है। अब जबकि मानसून की एंट्री हो चुकी है तो जुलाई अगस्त जो सबसे अधिक वर्षा वाले महीने हैं, इनमें यदि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार सिस्टम सक्रिय रहा तो राजधानी में सामान्य या उससे अधिक बारिश होने के आसार हैं।

मौसम विभाग के अनुसार 2014 में 7 जुलाई को मानसून मध्य प्रदेश पहुंचा था, तब मानसून सीजन में 30% कम बारिश हुई थी ‌ इस बार भी कुछ ऐसे ही संकेत मिल रहे हैं। क्योंकि मानसून की रफ्तार लगातार सुस्त बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में अभी तक कुल 4 इंच बारिश दर्ज की गई है। मानसून के सक्रिय होने के बाद अभी यह आंकड़ा
सामान्य से 28% कम है ‌क्षआने वाले दिनों में अच्छी बारिश से यह कमी पूरी होने के आसार हैं।

मध्यप्रदेश में बारिश का अलर्ट और मौसम का मिजाज:
मध्य प्रदेश में अगले 4 दिनों तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।  हरदा ,नर्मदापुरम ,रायसेन ,छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।  जहां चार से आठ इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अशोक नगर ,देवास ,खंडवा और सागर सहित कई अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी तूफान के साथ बारिश का अनुमान लगाया गया है।
मौसम की बात करें तो कल 3 जुलाई को धार ,बड़वानी और 4 जुलाई को खरगोन के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है।


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