20 जुलाई 2026: सोमवार/ मध्य प्रदेश/भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है l मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के अध्यक्षता में जगदीशपुर में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान ucc के मसौदे को मंजूरी दे दी गई है l

सरकार इस विधेयक को 20 जुलाई से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र में प्रस्तुत करने जा रही है इस कानून का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करना है l इसके लागू होने से हलाला ,बाल विवाह और बहु विवाह जैसी कुप्रथाओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा l मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार तलाक़ के बाद महिलाओं को मिलने वाला गुजारा भत्ता कानूनी रूप से अनिवार्य होगा और महिलाओं के पास दूसरी शादी से रोकने के अधिकार भी होंगे l

नए ucc विधेयक की मुख्य बातें

लिव इन रिलेशनशिप के नियम -साथ रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के पास रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य रहेगा l पंजीकरण नहीं करने या गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्यवाही और जुर्माना, इसके साथ ही जेल की सजा भी हो सकती है l

संबंध खत्म होने पर भी इसकी सूचना देनी होगी l विवाह  लिव इन, गोद लिए गए, सरोगेसी या ART तकनीक से जन्मे सभी बच्चों को सामान कानूनी दर्जा और संपत्ति में बराबर का अधिकार मिलेगा l

अवैध या नाजायज जैसे शब्दों का इस्तेमाल बंद होगा l शादी का रजिस्ट्रेशन सबके लिए आवश्यक होगा l बिना कानूनी तलाक के कोई भी दूसरा विवाह अमान्य माना जाएगा l पंचायत या धार्मिक रीति-रिवाज से दिए गए तलाक की मान्यता नहीं होगी l शहरी क्षेत्र के लिए एमपी- नगर पालिका पोर्टल और ग्रामीण क्षेत्र के लिए एसडीएम या तहसीलदार के माध्यम से ऑनलाइन विवाह और लिव इन का पंजीकरण कराया जा सकेगा l

अनुसूचित जनजाति और परिवर्तित आदिवासियों को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है l उनके परंपराओं और रूढ़ियों पर यह लागू नहीं होगा l राज्य सरकार द्वारा गठित समिति के अनुसार जनता से प्राप्त लाखों सुझावों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है l उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 93.54% नागरिकों ने राज्य में ucc लागू करने का समर्थन किया है l बहुसंख्यक जनता के अलावा 83% मुस्लिम महिलाओं और 40% मुस्लिम पुरुषों ने भी बेटियों के अधिकारों और समान कानून के पक्ष में अपना मत दिया है l

उत्तराखंड गुजरात और असम के बाद मध्य प्रदेश देश का ऐसा चौथ राज्य बनने जा रहा है जो उच्च लागू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है l

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