24 जुलाई 2026:
खबर प्रधान डेस्क:
आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष महत्व होता है ,किंतु आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि देवशयनी एकादशी कहलाती है। यह तिथि इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है ,क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु पूरे 4 महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं।
इस दिन भगवान विष्णु की पूजा विधिवत तरीके से करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस दिन भगवान विष्णु के लिए जागरण स्तुति और भजन करने की भी परंपरा बताई गई है।
एकादशी के दिन तुलसी पूजन का अति महत्व बताया गया है। आईए जानते हैं तुलसी की पूजा का और तुलसी दल के उपयोग से जुड़े कुछ विशेष उपाय–
सुख शांति प्राप्त करने हेतु:
देव शनि एकादशी पर तुलसी माता को श्रृंगार का सामान अर्पित करना चाहिए। इस दिन तुलसी माता को 16 श्रृंगार करने से वैवाहिक जीवन में सुख शांति बनी रहती है और अखंड सौभाग्य प्राप्ति का आशीर्वाद मिलता है।
इस दिन तुलसी माता के पास पांच या 11 दिए जलाने से मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है और तुलसी के पौधे के पास भक्ति भाव से तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और आर्थिक उन्नति के मार्ग खुलते हैं। नौकरी में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और व्यापारिक समस्याएं दूर होती हैं।
जीवन में आ रही बाधाओ को दूर करने हेतु:
देवशयनी एकादशी के दिन तुलसी माता का पूजन करने के बाद परिक्रमा अवश्य करना चाहिए साथ ही ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जा करने से भाग्य का साथ मिलता है जीवन में आ रही समस्याओं का निराकरण होता है और भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
कर्ज से मुक्ति हेतु:
इस दिन तुलसी माता के आठ नामों का जाप करने से कर्ज से मुक्ति मिलती है और धन संबंधी समस्याएं समाप्त होती हैं। धन आने के रास्ते खुलते हैं।
धन संबंधी समस्या हेतु,:
इस दिन भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करना चाहिए। ओम नमो भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करने से धन प्राप्ति के योग बनते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्


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