26 जुलाई 2026 :मध्य प्रदेश/ भोपाल/

भोपाल :

बारिश के मौसम में भी भोपाल शहर की हवा साफ होने का नाम नहीं ले रही है। शनिवार को औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) 45 से 60 के बीच दर्ज किया गया है। सामान्यतः बारिश के मौसम में धूल घटने से वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार होता है, लेकिन इस बार एक्यूआइ  का बढ़ता आंकड़ा चिंताजनक है। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, शहर की जर्जर – और उखड़ी सड़कें इस प्रदूषण की  सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई हैं। सड़कों पर उड़ती महीन धूल (पीएम 10 और पीएम 2.5) के कण हवा को लगातार जहरीला बना रहे है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह बिना सुरक्षा मानकों के चल रहे निर्माण कार्य भी आबोहवा को बिगाड़ रहे हैं। बढ़ते प्रदूषण को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर में जहां भी निर्माण कार्य (कमर्शियल या आवासीय) चल रहे हैं, वहां ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य है। निगम अपर आयुक्त वरुण अवस्थी ने कहा कि जो भी बिल्डर या ठेकेदार बिना ग्रीन नेट लगाए निर्माण सामग्री खुली छोड़ेगा या धूल उड़ाएगा, उस पर भारी स्पॉट फाइन लगाया जाएगा और काम भी रोका जा सकता है। सड़कों की मरम्मत का काम भी तेजी से शुरू किया जा रहा है।

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