30 जुलाई 2026:
असम/
असम में भारी बारिश और एक बाढ़ ने एक बार फिर तबाही मचाई है। ब्रह्मपुत्र सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं सैकड़ो गांव जलमग्न हो गए हैं।
असम में बाढ़ का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा । मौत का आंकड़ा बढ़कर 75 पहुंच चुका है । पिछले 24 घंटे में शिव सागर जिले में सात और लोगों की मौत हो गई है ।असम के सात जिलों में 662 गांव अब भी पानी में डूबे हुए हैं।
3 लाख लोग सैलाब की जद में:
3,32000 से ज्यादा लोग सैलाब की कैद में है ।हजारों घर तबाह हो चुके हैं और हजारों जिंदगी राहत शिवरों के सहारे चल रही है।
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार शिवसागर ,चराई देव, गोलाघाट ,जोरहाट, नगांव, सीतापुर और कामरूप शहरी समेत 7 जिले अब भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। इन जिलों में लाखों लोग अभी बाढ़ के प्रभाव से जूझ रहे हैं । जबकि हजारों हेक्टेयर खेती की जमीन पानी में डूब चुकी है । यहां का पूरा इलाका पानी पानी हो चुका है । लोगों के मकान डूब चुके हैं। हजारों लोग हजारों घर जलमग्न हो चुके हैं। बाढ़
के सैलाब में जिंदगी की जंग देखने को मिल रही है । नदियों के उफान पर होने की वजह से आसपास के इलाकों से जिन्हें रेस्क्यू करके लेकर आ रहे हैं उन पर भी नाव का सहारा लिया जा रहा है । बोट के जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।
नदियों के उफान होने की वजह से रेल की पटरिया भी पानी में डूब चुकी हैं, जिससे आफत बहुत ज्यादा हो गई है।
बारिश ने तोड़ा पिछले 50 साल का रिकॉर्ड:
असम में बाढ़ से हालात बदतर हो चुके हैं । असम की इस बारिश ने पिछले 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है । असम के शिवसागर में बाढ़ से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है । यहां के रेलवे लाइन बह गई है । रेल की पटरी के नीचे से सैलाब आता हुआ दिख रहा है।
पानी का फ्लो इतनी तेजी से आ रहा है कि लोगों को संभलने का मौका नहीं मिल रहा । हर मिनट हर सेकंड पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। लोगों के पास सब सामान खत्म हो चुका है ।
देश की सेना ने संभाला मोर्चा:
इस मुश्किल घड़ी में देश की सेना ने मोर्चा संभाल रखा है।
प्रशासन की तरफ से लगातार मदद मुहैया कराई जा रही है। राज्य भर में 71 राहत शिविर बनाए गए हैं । जहां 16000 से ज्यादा लोग शरण लिए हुए हैं । राहत सहायता केंद्रों के जरिए हजारों लोगों तक जरूरी सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। प्रभावित इलाकों में मेडिकल और पशु चिकित्सकों की भी लगातार तैनाती कर दी गई है। जिससे किसी भी महामारी होने पर या पशुओं की बीमारी को समय रहते रोका जा सके।
इस में 11000 से ज्यादा जानवर बह चुके हैं और 17000 से अधिक मवेशी प्रभावित हुए हैं।
जलवायु परिवर्तन ग्लोबल वार्मिंग है इतनी बाढ़ का प्रमुख कारण:
असम में हर वर्ष बाढ़ से लोग प्रभावित होते हैं।लेकिन हर साल स्थितियां और गहरी होती जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण मानसूनी हवाओं का पैटर्न अब बदल चुका है। अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और असम में बेहिसाब बारिश हो रही है। मुख्यमंत्री हेमंत विस्वा सर्मा ने कहा है कि इस मानवीय और भौगोलिक संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार असम के साथ पूरी ताकत से खड़ी हुई है। इस मुश्किल समय में देश की सेना ने भी मोर्चा संभाल रखा है। थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने अपने दो दिवसीय दौरे में बाढ़ में राहत अभियानों की उच्च स्तरीय समीक्षा की है और यहां का जायजा लेते हुए नागरिक प्रशासन की मदद से काम कर रहे जवानों की सराहना की है।


Leave a Reply