15 अगस्त 2026:

देश की खबर:


पिछले कुछ दिनों से आप यह खबर सुन रहे हैं कि देश में प्लास्टिक के नोट आने वाले हैं लेकिन अब इस खबर पर अब  फाइनल मोहर लग गई है।  ये नोट कब से देश में चलन में आएंगे । सरकार की ओर से प्लास्टिक के नोटों को लेकर क्या कुछ कहा गया है।
आईए जानते हैं इन प्लास्टिक के नोटों से जुड़ी  जानकारियां!

जानते हैं कि कैसे बनेंगे यह प्लास्टिक के नोट और क्या है उनके फायदे: प्लास्टिक के नोट कैसे बनेंगे और उनके क्या फायदे होंगे । इनके चलने से नकली नोटों पर कैसे लगाम लगेगी । अगर प्लास्टिक का नोट कट जाए तो बैंक बदलेगा या नहीं । क्या प्लास्टिक के नोट चलन के बाद कागजी नोट बंद हो जाएंगे।

अब जल्द ही फटे पुराने और भीगे हुए नोटों की समस्या से मुक्ति मिलने वाली है,क्योंकि  सरकार और आरबीआई ने इसके फील्ड ट्रायल को मंजूरी दे दी है ‌ ।  केंद्र सरकार ने 10 और ₹20 के एक-एक अरब प्लास्टिक नोटों को फील्ड ट्रायल के लिए जारी करने की मंजूरी दे दी है ।  केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण्य राज्यसभा में जानकारी दी है। यह ट्रायल रोजमर्रा के हिसाब से और मौसम के हिसाब से कामयाब रहता है तो रिजर्व बैंक पूरी तरह हमेशा के लिए नियमित रूप से छापना शुरू कर देगा । दरअसल नोटों की छपाई में कपास और विशेष रूप से पेपर का उपयोग होता है जबकि प्लास्टिक नोटों को एक विशेष सिंथेटिक सामग्री से तैयार किया जाता है। ‌ आरबीआई जी पॉलीमर का उपयोग करने जा रहा है, उसे तकनीकी भाषा में POPP  कहा जाता है । यह लगभग 90 माइक्रोन की मजबूत और पारदर्शी प्लास्टिक शीट होती है।  इसी सीट के ऊपर नोट का अट्रैक्टिव डिजाइन ,सीरियल नंबर और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स प्रिंट किए जाते हैं ।

प्लास्टिक नोट की क्या है खासियत:
दरअसल 10 और 20 रुपए के नोट जेब में मुड़ने, या पसीने से एक-दो साल में ही गल या फट जाते हैं ,लेकिन इसके उलट पॉलीमर नोट बहुत ही मजबूत होते हैं और लगभग 30 साल तक पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं । नोटों की उम्र लंबी होने के चलते रिजर्व बैंक को बार-बार नहीं नोट छापने और पुराने कटे फटे नोटों को नष्ट करने में होने वाले अरबो रुपए के खर्च की बचत होगी।  यह नोट पानी बारिश या चाय कॉफी गिरने पर भी खराब नहीं होते हैं।  प्लास्टिक की सतह होने से इन पर धूल या गंदगी नहीं चिपकती और इन्हें आसानी से पोछकर साफ किया जा सकता है।  प्लास्टिक नोटों के आने से जाली नोटों के कारोबार पर पूरी तरह से ब्रेक लग जाएगा । इन नोटों में एक पारदर्शी विंडो सुरक्षा फीचर के तौर पर शामिल होती है।  किसी भी साधारण प्रिंटर या स्कैनर से इस पारदर्शी फीचर और जटिल पॉलीमर डिजाइन की नकल करना लगभग नामुमकिन होता है।

प्लास्टिक के नोट कटने फटने पर बैंक  बदलेगा  या नहीं:
वैसे तो इसके आम इस्तेमाल से यह नहीं फटते लेकिन अगर इस पर कैंची चाकू या किसी से कट लग जाए तो यह दो हिस्सों में बंट सकते हैं।  साथ ही ज्यादा गर्मी या आपके संपर्क में आने पर भी यह नोट पिघल कर खराब हो सकते हैं । यदि प्लास्टिक का नोट दो टुकड़ों में कट गया है उसके दोनों टुकड़े आपस में जुड़ते हैं और नोट 80% से ज्यादा सुरक्षित है तो बैंक आपको उस नोट के बदले पूरे पैसे देगा।  इसके अलावा नोट पर मौजूद सीरियल नंबर ,गांधीजी की तस्वीर और गवर्नर की हस्ताक्षर साफ दिखना चाहिए।  अगर नोट का बड़ा हिस्सा गायब है और आपके पास केवल 40% से 60% तक का हिस्सा ही बचा है, तो बैंक आपको उस नोट की  कीमत का सिर्फ आधा पैसा ही वापस करेगा। यदि नोट का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा ही बचा है , बड़ा हिस्सापूरी तरह पिघल चुका है,जिसे जिसे पहचान नामुमकिन हो तो बैंक उसे स्वीकार नहीं करेगा और आपको कोई भी पैसा नहीं मिलेगा।  प्लास्टिक नोट आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुराने ₹10 और 20 रूपए के कागजी नोट बंद हो जाएंगे तो आपको बता दूं कि ऐसा बिल्कुल दिया है। सरकार और आरबीआई ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि पॉलीमर नोट आने से पुराने कागज नोट नहीं होंगे।  बाजार में पॉलीमर और पेपर दोनों ही तरह के नोट एक  साथ चलते रहेंगे । यह बदलाव धीरे-धीरे और  यानी अलग-अलग चरणों में किया जाएगा । जब तक नए नोट पूरी तरह स्थापित नहीं होते ,तब तक नोट सरकुलेशन में बने रहेंगे ।
अब जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होने वाला है और जल्दी ही लोगों के हाथ में आ सकते हैं । अब देखना यह होगा कि प्लास्टिक के नोट का ये ट्रायल सफल होता है या नहीं।

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