17 अगस्त 2026:
मध्य प्रदेश/ उज्जैन:
उज्जैन का वह मंदिर जो पूरे साल बंद रहता है और सिर्फ नाग पंचमी के दिन ही उसके दरवाजे खुलता है । जी हां महाकालेश्वर मंदिर के तीसरे तल पर बसा श्री नागचंदेश्वर मंदिर ।
और इस बार नाग पंचमी के दिन सावन के सोमवार का अद्भुत संयोग।
सावन का तीसरा सोमवार नाग पंचमी और भगवान महाकाल की शाही सवारी का अद्भुत संयोग:
किंतु आज 17 अगस्त को सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी साथ ही भगवान महाकाल की शाही सवारी ,तीनों एक ही दिन आने से भीड़ भी अत्यधिक उमड़ पड़ी। प्रशासन ने पहले ही तैयारी करके रखी थी। किंतु 8 से 10 लाख श्रद्धालु उज्जैन दर्शन के लिए पहुंच चुके थे।
आज 17 अगस्त 2026 नाग पंचमी के दिन उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट के अफवाह फैलने से अफरा तफरी मच गई। लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे।
इसी बीच हरसिद्धि मंदिर चौराहे के पास अचानक स्थितियां बिगड़ गई । जहां कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच अचानक एक अफवाह फैली, कि बैरिकेडिंग के अंदर लगे डीपी में करंट दौड़ रहा है ।
बस एक बात सुनते ही पूरी भीड़ में दहशत की लहर फैल गई । लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे । इससे बेरीकेड टूट गए। टेंट भी गिर गये। और देखते ही देखते श्रद्धालु एक दूसरे के ऊपर गिरने लगे। इस अफरा तफरी में 13 श्रद्धालुओं की तबीयत अचानक से बिगड़ गई। जिन्हें प्रशासन ने फौरन अस्पताल पहुंचाया।
किसी के पैर बैरिकेड के नीचे बुरी तरह दब गए तो किसी की हड्डी तक टूट गई। सभी घायलों का चरक अस्पताल में इलाज चल रहा है। किंतु गनीमत यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। इस बड़े हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया।
प्रशासन ने की थी दुरुस्त व्यवस्थाएं फिर भी हालात बिगड़े:
एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार करीब 2400 पुलिसकर्मी लगातार 36 घंटे की ड्यूटी पर तैनात किए गए थे । साथ ही 10 ड्रोन ,घुड़सवार दस्ता और बम निरोधक टीम भी मोर्चे पर उतारी गई थी ।
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह का दावा है कि 600 से ज्यादा अधिकारी ,कर्मचारी व्यवस्था संभाल रहे थे । पानी से लेकर मेडिकल तक हर सुविधा मुहैया कराई जा रही थी। फिर भी इतने पुख्ता इंतजाम के बाद भी सिर्फ एक अफवाह से भगदड़ जैसे हालात बन गए।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी थी और उसके बाद ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है। प्रशासन लगातार यह बता रहा था कि अफवाहों पर ध्यान ना दें फिर भी धक्का मुक्की के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए।
दर्शन के लिए प्रशासन ने बैरिकेट्स लगाए हुए थे किंतु श्रद्धालु बैरिकेड्स को तोड़कर भागने लगे थे । जिससे इस तरह की स्थितियां बनी । बैरिकेट्स गिर और कई श्रद्धालुओं को इससे चोट भी आई। इससे कुछ श्रद्धालु उसमें फंस गए। कुछ उसमे गिर गए जिससे उन्हें चोट आई। गंभीर चोट नहीं है किंतु श्रद्धालुओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रशासन यह जानने की कोशिश कर रहा है कि यह अफवाह कैसे फैली। फिर भी प्राथमिकता भी यह है कि स्थितियों को जल्द ही नियंत्रित किया जाए।


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