17 अगस्त 2026
नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है और इस दिन नाग देवता को दूध ही क्यों अर्पित किया जाता है । क्या दूध उनको प्रिय है या इसके पीछे छिपा है कोई दिव्य रहस्य:
आइए जानते हैं हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी कहा जाता है।
इस दिन देश भर में नाग देवता को दूध फूल और अक्षत अर्पित किए जाते हैं । इसके पीछे छुपा रहस्य महाभारत काल से जुड़ा है ।
नाग पंचमी क्यों मनाई जाती है:
राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक नाग के डसने से हुई थी इसका बदला लेने के लिए उनके पुत्र राजा जनमेजय ने सर्पशस्त्र नाम का एक भयानक यज्ञ शुरू किया। इस यज्ञ की शक्ति से दुनिया के सारे सांप स्वयं ही अपने आप हवन कुंड की अग्नि में गिरने लगे । तब सृष्टि को बचाने के लिए आस्तिक मुनि सामने आये। उन्होंने अपनी बुद्धि और वेदों के ज्ञान से राजा जन्मेजय का क्रोध शांत किया और यज्ञ को रुकवाया ।
जिस दिनयह यज्ञ रुका, वह सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी । आस्तिक मुनि ने जलते हुए नागों के शरीर पर दूध की धार डालकर उन्हें शीतलता और नया जीवन दिया था । तभी से नागों ने आशीर्वाद दिया कि इस तिथि पर जो भी उनकी पूजा करेगा, उसके कुल को सर्पभय नहीं होगा। और यही से नाग पंचमी मनाने की परंपरा शुरू हुई।
प्रकृति से जुड़ा हुआ नाग पंचमी का रहस्य:
नाग पंचमी के पीछे एक प्रकृति से जुड़ा रहस्य भी है । सावन में लगातार बारिश होने के कारण सांप अपने बिलों से बाहर निकलते हैं और खेतों में रहने वाले यह सांप चूहों जैसे फसल को नुकसान पहुंचाने वाले जीवों की संख्या नियंत्रित करने में भी भूमिका निभाते हैं। इस दिन जमीन खोदना भी वर्जित माना गया है। ताकि मिट्टी के अंदर रहने वाले जीवों को कोई चोट न पहुंचे।
इसलिए नाग पंचमी सिर्फ एक डर को दूर करने का त्यौहार नहीं बल्कि प्रकृति और हर जीव के प्रति सम्मान दिखाने का संदेश है ।


Leave a Reply