30 August 2026 :
मध्य प्रदेश/उज्जैन/
छह विशेष राखियां जो 1.5 से 2 फीट की : विशेष राखियों में शैव और वैष्णव परंपरा का संगम मिला :
इन राखियों में कांच वर्क, रुद्राक्ष, त्रिनेत्र, ऊं और त्रिपुंड के साथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय मोर पंख से सजावट की गई।
रक्षाबंधन का त्योहार सबसे पहले शुक्रवार को बाबा महाकाल के दरबार में मनाया गया। भस्म आरती के दौरान पुजारी परिवार की महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने महाकाल बाबा को पहली राखी बांधी। देश-विदेश से आए भक्तों में वितरित करने पुजारी परिवार ने बाबा को बेसन के शुद्ध देशी घी से बने सवा लाख लड्डुओं का विशेष महाभोग लगाया। मंदिर परिसर में भव्य झांकी सजाई और वहां लड्डुओं का महाभोग अर्पण किया।
महाकाल को पुजारी परिवार की महिलाओं ने 2 फीट की राखी की भेंट:
रक्षाबंधन पर शुक्रवार सबसे पहले महाकाल को राखी बांधी गई। भस्म आरती में पुजारी परिवार की महिलाओं ने 2 फीट की राखी अर्पित की। महाकाल के लिए राखी तैयार करने वाली पुजारी परिवार की महिलाओं ने पूरे सावन माह व्रत रखा, इस व्रत को मंदिर से मिले प्रसाद से खोला। एक सप्ताह में उन्होंने अपने हाथों से महाकाल के लिए राखी तैयार की। भस्म आरती के दौरान राखी बांधने तक उन्होंने मंत्रोच्चार किया। भस्म अर्पित करने के बाद महाकाल को विशेष राखी अर्पित की गई।
2 फीट की राखी बनाई गई मोर पंख, रुद्राक्ष से :
पुजारी आकाश राजेश गुरु ने बताया कि 2 फीट की राखी को रेशमी कपड़े, रेशमी धागे और आभूषणों से तैयार किया था। इसमें भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय मोर पंख और गोमाता को भी स्थान दिया था। उसका आकर्षण बढ़ाने के लिए कांच वर्क, मोर पंख और रुद्राक्ष का उपयोग किया था। साथ ही त्रिनेत्र, ऊं और त्रिपुंड को भी राखी की डिजाइन में शामिल किया था।


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