17 सितंबर 2026:
देश की खबर:
UPI पर किसी भी भ्रम या अफवाह मे मत फंसीए….ये भ्रम और अफवाह वही लोग फैला रहे हैं जो कभी कहते थे….भारत मे #UPI चल ही नहीं सकता….इसे बिल्कुल साधारण शब्दों मे समझिए….
* #UPI आम जनता के लिए…पहले भी फ्री था ..आज भी फ्री है और आगे भी फ्री ही रहने वाला है…ना पहले इसपर कोई चार्ज था…ना आज है…ना आने वाले समय मे होगा.
* नई व्यवस्था में #P2P यानि व्यक्ति से व्यक्ति को किया गया #transaction….चाहे वो कितनी भी बड़ी रकम हो…फ्री है और फ्री ही रहेगी….यानि आप अपने दोस्त…परिवार…सम्बन्धी को जैसे पहले पैसे #ट्रांसफर करते थे…अब भी वैसे ही कर सकते हैं….बिल्कुल फ्री….इसमे कुछ भी नहीं बदला.
* नई व्यवस्था में सिर्फ व्यापरियों पर 0.4% #MDR लगेगा…2000/- से ऊपर की #transaction पर….जो अधिकतम 300/- होगा….यानि transaction चाहे जितनी बड़ी हो….300/- से ज़्यादा MDR नहीं लग सकता.
* 2000/- की सीमा इसलिए रखी गई है….क्यूँकी #UPI द्वारा किए गए कुल #transaction का 96%….2000/- से कम है ……सिर्फ 4% transaction 2000/- से ज्यादा के होते हैं……इसका सीधा मतलब ये है कि….96% #दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं होने वाला.
* ये मुख्यतः बड़े #व्यापारीयों के लिए है…जिनका कारोबार लाखों करोड़ों का है….और जो पहले ही #क्रेडिट कार्ड से 2% से 4% का ब्याज देते हैं…….और वो ब्याज जनता से नहीं वसूला जाता…..ना ही सामान की क़ीमत बढ़ा के वसूला जाता है…..इसलिए #UPI पर अधिकतम 300/- की राशि जनता से वसूली जाएगी….ये बेकार की बात है…जबकि सरकार ने पहले ही कह दिया है कि ऐसा नहीं होगा इसकी व्यवस्था की जाएगी.
अब सवाल है कि….इसकी ज़रूरत क्यूँ पड़ी…..तो इसका ज़वाब आँकड़ों से समझिए….
* 2020 मे भारत मे #UPI transaction की कुल संख्या 18.88 अरब थी….जो 2026 मे बढ़कर 228.3 अरब हो गई….यानि लगभग 1100% की वृद्धि.
* इतने बड़े transaction #सिस्टम को बनाए रखने….उसकी मेंटेनेंस…उसके संचालन….उसके विस्तार और उसकी सुरक्षा पर होने वाले खर्च को #बैलेंस करने के लिए MDR जरूरी है.
* दूसरी बात….भारत का UPI अब #अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँच चुका है….और वहां भी फ्री है….जबकि वहां 2000/- से ज्यादा की ही transaction होती है….तो MDR के जरिए अब उनसे चार्ज लेने का रास्ता खुल गया.
.तो सीधी और सरल बात ये है कि…..आम जनता के लिए UPI फ्री है और फ्री ही रहेगा….MDR का उद्देश्य जनता पर कोई बोझ डालना नहीं है….बल्कि इस payment system को और व्यापक और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है..!


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