42 मोबाइल ऐप की मदद से हो रहा फ्रॉड

khabar pradhan

संवाददाता

21 March 2025

अपडेटेड: 7:08 PM 0stGMT+0530

गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

गाजियाबाद में साइबर धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस ने 42 फर्जी ऐप की पुष्टि की है। गृह मंत्रालय को इसकी रिपोर्ट भेजी गई है। एनसीआरपी पोर्टल पर ऐप और लिंक की वास्तविकता जांचने का विकल्प है। संदिग्ध कॉल्स और नंबरों की भी संचार साथी पोर्टल पर रिपोर्ट की जा सकती है।
गाजियाबाद में रोजाना साइबर फ्रॉड के मामले सामने सामने आ रहे हैं। इनकी जांच में पुलिस को 42 ऐप ऐसे मिले जो फर्जी हैं। इसके बारे में गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी गई है। इससे पहले भी कई ऐप की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। वहीं, ऐप और वेबसाइट की असलियत जानने के लिए मिनिस्ट्री से संचालित नैशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर रिपोर्ट एंड चेक सस्पेक्ट का ऑप्शन दिया गया है।

इसमें आप ऐप का नाम या वेबसाइट का लिंक डालकर जान सकते हैं कि यह फर्जी है या नहीं। अगर कोई ठगी का शिकार हो चुका है तो वह इस पोर्टल पर उस ऐप या लिंक को रिपोर्ट भी कर सकता है। यहां रिपोर्ट करने के बाद पुलिस या मंत्रालय उस ऐप या लिंक को संदिग्ध श्रेणी में डाल देगा, जिससे अन्य लोग ठगी से बच सकेंगे।
एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह ने बताया कि साइबर ठगों से सतर्कता से बचाव हो सकता है। अगर कोई ऐप या लिंक भेजकर आपको इंस्टॉल या लिंक खोलने के लिए कहता है तो आप पहले उस ऐप या लिंक की जांच कर लें। एनसीआरपी पोर्टल पर यह ऑप्शन शुरू हुआ है। इसके अलावा ठग अधिकांश इंटरनैशनल नंबर के जरिए कॉल करते हैं, ऐसे में संचार साथी पोर्टल पर नंबर के बारे में पहले जानकारी हासिल कर लें।
यदि कोई आपके नाम से फर्जी नंबर इस्तेमाल कर रहा है तो संचार साथी पोर्टल पर जाकर चेक कर सकते हैं। इसमें आप अपना नंबर डालकर पता कर सकते हैं कि आपके आधार कार्ड से कितने नंबर चल रहे हैं। अगर कोई फर्जी नंबर चल रहा है तो आप इसी वेबसाइट पर रिपोर्ट कर सकते हैं। विभाग उसकी जांच करने के बाद उसे बंद करा देगा।
एडीसीपी ने बताया कि संचार साथी पोर्टल पर आप संदिग्ध नंबर से आने वाली कॉल, मेसेज या वॉटसऐप पर आने वाल कॉल व मेसेज को भी रिपोर्ट कर सकते हैं। पोर्टल पर रिपोर्ट सस्पेक्टेड फ्रॉड कम्युनिकेशन नाम के ऑप्शन में जाकर यह किया जा सकता है। जांच के बाद विभाग इस पर कार्रवाई करेगा। इस पोर्टल पर मंत्रालय को अलग-अलग राज्यों से 252875 से ज्यादा इनपुट प्राप्त हो चुके हैं, जिन पर उन्होंने कार्रवाई की है।

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