पटना विश्वविद्यालय का होगा दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसा कायाकल्प

khabar pradhan

संवाददाता

22 April 2025

अपडेटेड: 1:40 PM 0ndGMT+0530

7,000 छात्रों के लिए हॉस्टल, स्विमिंग पूल और मिनी मार्केट की सुविधा

बिहार की राजधानी पटना में स्थित पटना विश्वविद्यालय को दिल्ली यूनिवर्सिटी की तर्ज पर विश्व-स्तरीय शैक्षणिक संस्थान बनाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस का ₹713 करोड़ की लागत से पुनर्विकास किया जाएगा। परियोजना में 7,000 छात्रों के लिए आधुनिक हॉस्टल, स्विमिंग पूल, मिनी मार्केट, और अन्य सुविधाएं शामिल होंगी। यह कदम न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि छात्रों को बेहतर जीवनशैली और सुविधाएं भी प्रदान करेगा।
परियोजना का विवरण
पटना विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस को आधुनिक और स्मार्ट बनाने के लिए कई बड़े बदलाव किए जाएंगे। परियोजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
हॉस्टल सुविधा: साउथ कैंपस में जी+10 संरचना वाले पांच नए भवन बनाए जाएंगे, जिनमें 7,000 छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था होगी। ये हॉस्टल आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे, जिसमें वाई-फाई, स्टडी रूम, और रिक्रिएशन क्षेत्र शामिल होंगे।
स्विमिंग पूल और खेल सुविधाएं: छात्रों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए एक ओलंपिक-स्तर का स्विमिंग पूल बनाया जाएगा। इसके अलावा, खेल मैदान और जिम की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
मिनी मार्केट: कैंपस के अंदर ही एक मिनी मार्केट स्थापित किया जाएगा, जहां छात्रों को दैनिक जरूरतों की वस्तुएं, स्टेशनरी, और खाद्य पदार्थ आसानी से मिल सकेंगे।
मेट्रो कनेक्टिविटी: साउथ कैंपस को मुख्य कैंपस से जोड़ने के लिए पटना मेट्रो का उपयोग किया जाएगा, जिससे छात्रों और कर्मचारियों को आवागमन में सुविधा होगी।
वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति
इस परियोजना को बिहार सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से लागू किया जा रहा है। ₹713 करोड़ की इस परियोजना के लिए धनराशि का आवंटन हो चुका है, और निर्माण कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि यह परियोजना अगले तीन वर्षों में पूरी होगी। बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा, “पटना विश्वविद्यालय को न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है।”
छात्रों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया
इस घोषणा के बाद छात्रों और शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष ने कहा, “यह परियोजना हमारे लिए गर्व की बात है। आधुनिक सुविधाएं मिलने से पढ़ाई और कैंपस लाइफ दोनों बेहतर होंगे।” वहीं, शिक्षकों ने इसे बिहार के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। कुछ छात्रों ने X पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “पटना यूनिवर्सिटी अब दिल्ली यूनिवर्सिटी को टक्कर देगी। स्विमिंग पूल और मिनी मार्केट की सुविधा सपने जैसी लग रही है।”
पटना विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक महत्व
1917 में स्थापित पटना विश्वविद्यालय भारत के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है। कभी इसे ‘पूर्व का ऑक्सफोर्ड’ कहा जाता था। हालांकि, पिछले कुछ दशकों में संसाधनों की कमी और बुनियादी ढांचे के अभाव के कारण इसकी चमक फीकी पड़ गई थी। इस नई परियोजना से विश्वविद्यालय को अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा वापस पाने का मौका मिलेगा।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परियोजना को शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य बिहार के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा और अवसर प्रदान करना है। यह परियोजना उसी दिशा में एक कदम है।” विपक्षी दलों ने भी इस कदम की सराहना की, लेकिन कुछ नेताओं ने इसे लागू करने में देरी पर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर इस खबर ने व्यापक चर्चा बटोरी है। X पर एक यूजर ने लिखा, “पटना यूनिवर्सिटी का यह नया रूप बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।” वहीं, कुछ यूजर्स ने सरकार से इस परियोजना को समय पर पूरा करने की मांग की।
आगे की योजना
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में हॉस्टल और बुनियादी ढांचे का निर्माण होगा, जबकि दूसरे चरण में स्विमिंग पूल, मिनी मार्केट, और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रम और शोध केंद्र शुरू करने की भी योजना है ताकि यह वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन सके।
निष्कर्ष
पटना विश्वविद्यालय का यह कायाकल्प न केवल बिहार के छात्रों के लिए, बल्कि पूरे देश के शैक्षणिक परिदृश्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। दिल्ली यूनिवर्सिटी की तर्ज पर विकसित होने वाला यह कैंपस बिहार के युवाओं को बेहतर अवसर और आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगा। यह परियोजना बिहार सरकार की शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

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