पाकिस्तानी रेल मंत्री की भारत को खुली धमकी

khabar pradhan

संवाददाता

27 April 2025

अपडेटेड: 8:16 AM 0thGMT+0530

पाकिस्तानी रेल मंत्री की भारत को खुली धमकी

‘130 परमाणु मिसाइलें भारत पर तनीं, सिंधु का पानी रोका तो युद्ध के लिए तैयार रहें’

पाकिस्तान के रेल मंत्री मोहम्मद हनीफ अब्बासी ने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पास 130 परमाणु हथियार हैं, जो “चौकों में सजावट के लिए नहीं, बल्कि भारत के लिए रखे गए हैं।” उन्होंने सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को लेकर भी धमकी दी कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका, तो पाकिस्तान युद्ध के लिए तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले और नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी गोलीबारी के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
हनीफ अब्बासी का बयान:
पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल को दिए साक्षात्कार में हनीफ अब्बासी ने कहा, “हमारी मिसाइलें—गौरी, शाहीन, गजनवी—और 130 परमाणु हथियार भारत के लिए हैं। ये सजावट के लिए नहीं रखे गए। भारत अगर कोई दुस्साहस करेगा, जैसे सिंधु का पानी रोकना, तो उसे खामियाजा भुगतना पड़ेगा।” उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान की सेना और परमाणु क्षमता दुनिया की सबसे मजबूत है, और भारत को इसका अंदाजा नहीं है।
सिंधु जल संधि पर विवाद:
अब्बासी का बयान सिंधु जल संधि को लेकर चल रहे तनाव से जुड़ा है। 1960 में विश्व बैंक की मध्यस्थता में हुई इस संधि के तहत सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों का पानी भारत और पाकिस्तान के बीच बांटा गया। हाल के वर्षों में भारत ने कश्मीर में बांध निर्माण और जल परियोजनाओं को तेज किया है, जिसे पाकिस्तान संधि का उल्लंघन मानता है। अब्बासी ने कहा, “अगर भारत ने हमारा पानी रोका, तो हम युद्ध के लिए तैयार हैं।”
भारत का रुख:
भारतीय विदेश मंत्रालय ने अभी तक इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों ने इसे पाकिस्तान की बौखलाहट करार दिया है। रक्षा विशेषज्ञ मेजर जनरल (रिटायर्ड) जीडी बख्शी ने कहा, “पाकिस्तान का यह बयान उनकी हताशा को दर्शाता है। भारत की परमाणु और सैन्य क्षमता पाकिस्तान से कई गुना बेहतर है। ऐसी धमकियां सिर्फ उनकी घरेलू राजनीति को साधने के लिए हैं।” भारत ने बार-बार कहा है कि वह सिंधु जल संधि का पालन करता है, लेकिन आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए पानी का मुद्दा उठाया जा सकता है।
पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति:
पाकिस्तान इस समय आर्थिक संकट, तालिबान और बलूच विद्रोहियों के हमलों, और राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब्बासी का बयान घरेलू जनता का ध्यान बटाने और भारत के खिलाफ राष्ट्रवादी भावनाएं भड़काने की कोशिश है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे “गीदड़ भभकी” करार दिया। एक यूजर ने लिखा, “पाकिस्तान अपनी सेना से तालिबान को नहीं संभाल पा रहा, और भारत को परमाणु धमकी दे रहा है।”
सोशल मीडिया और प्रतिक्रियाएं:
अब्बासी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर #PakistanThreat और #IndiaVsPakistan ट्रेंड कर रहे हैं। कई भारतीय यूजर्स ने इस धमकी की निंदा की और भारतीय सेना की ताकत की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा, “भारत के पास न सिर्फ परमाणु हथियार हैं, बल्कि एक मजबूत रक्षा प्रणाली भी है। पाकिस्तान को ऐसी धमकियों से पहले अपनी स्थिति देखनी चाहिए।” वहीं, पाकिस्तानी यूजर्स ने अब्बासी के बयान का समर्थन करते हुए भारत पर आक्रामक टिप्पणियां कीं।
पहलगाम हमले और LoC तनाव से जुड़ाव:
यह बयान पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद आया है, जिसमें कई लोग मारे गए थे। हमले की जिम्मेदारी TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) ने ली थी, जिसे भारत पाकिस्तान समर्थित मानता है। इसके अलावा, पाकिस्तानी सेना ने लगातार तीसरे दिन LoC पर गोलीबारी की, जिसका भारतीय सेना ने जवाब दिया। इन घटनाओं ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों की राय:
विदेश नीति विशेषज्ञ क्यूमर जमील ने कहा, “पाकिस्तान का यह बयान गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक है। परमाणु हथियारों की धमकी वैश्विक शांति के लिए खतरा है। भारत को इस मामले को संयुक्त राष्ट्र और अन्य मंचों पर उठाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की आर्थिक और सैन्य कमजोरी उसे भारत के खिलाफ सीधी कार्रवाई से रोकती है, लेकिन ऐसी बयानबाजी से क्षेत्रीय अस्थिरता बढ़ सकती है।

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