मोहन यादव की कैबिनेट बैठक में शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतन देने की मंजूरी:
संवाददाता
13 January 2026
अपडेटेड: 5:29 PM 0thGMT+0530
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक:
शिक्षकों को चतुर्थ समय मान वेतनमान की मंजूरी:
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में आज कैबिनेट बैठक हुई जिसमें शिक्षकों को चतुर्थ समय मान वेतनमान के फैसले को मंजूरी दी गई इस फैसले से करीब सवा लाख शिक्षक लाभान्वित होंगे और करीब तीन से ₹5 हजार प्रतिमाह शिक्षकों को लाभ होगा।
स्कूल शिक्षा विभाग में 35 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी लंबे समय से चतुर्थ समयमान देने की मांग कर रहे थे। इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी शिक्षक संघों की कई बार मुलाकात हुई। 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर सीएम ने बचे हुए लोगों को चतुर्थ समयमान देने की घोषणा की थी। लेकिन 5 महीने बाद भी अब तक इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई शिक्षक संगठनों की बैठक में मंत्री ने बताया कि इसे कैबिनेट की बैठक में लेकर जाएंगे। कैबिनेट में प्रस्ताव पास होने के बाद शिक्षकों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
हर माह 3 से 5 हजार रुपए का फ़ायदा:
मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर ने बताया कि “मुख्यमंत्री ने 5 महीने पहले चतुर्थ समयमान की घोषणा की थी, लेकिन विभाग के अधिकारी आज तक इस प्रक्रिया को पूरी नहीं कर सके। हमारी मांग है कि इसे विभाग द्वारा तुरंत लागू किया जाए। राठौर ने बताया कि चतुर्थ समयमान लागू होने से शिक्षकों को हर माह 3 से 5 हजार रुपए का सीधा लाभ मिलेगा। अब तक इस सुविधा के अभाव में उन्हें मासिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
लंबे समय के इंतजार के बाद प्रदेश के करीब सवा लाख शिक्षकों का वेतनमान 4 से 5 हजार तक बढ़ सकता है अब इस प्रस्ताव पर मोहर लग चुकी है मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5 सितंबर को शिक्षकों को चतुर्थ समय मान वेतनमान देने का ऐलान किया था। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 35 साल की सेवा पूरी कर चुके करीब सवा लाख शिक्षकों को तृतीय समय मान वेतनमान मिल रहा था चतुर्थ वेतनमान की मांग कर रहे इनमें से कुछ शिक्षकों को 5 से 8 साल अधिक का समय हो चुका है।
कैबिनेट की मीटिंग के दौरान अब शिक्षकों को चतुर्थ समय मान वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और हर माह 5000 वेतन शिक्षकों का बढ़ जाएगा।