AIMS भोपाल बनेगा सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर: रोबोटिक सर्जरी और अपना हेलीपैड

khabar pradhan

संवाददाता

6 January 2026

अपडेटेड: 3:56 PM 0thGMT+0530

AIMS भोपाल बनेगा सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर: रोबोटिक सर्जरी और अपना हेलीपैड



AIMS भोपाल बनेगा प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल -जहां होगा एम्स का हेलीपेड!
भोपाल एम्स अब जल्दी ही चिकित्सा सुविधाओं के मामले में विकसित संस्थाओं की श्रेणी में आने जा रहा है। यहां  लगातार बढ़ती हुई मरीजों की संख्या को देखते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है।

देश  का बड़ा ट्रॉमा सेंटर:
एम्स भोपाल के ट्रॉमा सेंटर में हर दिन 150 से 200 मरीज सड़क दुर्घटना  के शिकार और गंभीर चोट के मरीज पहुंचते हैं। इनमें से करीब 10% मरीजों को तुरंत भर्ती करके इलाज की जरूरत पड़ती है। बढ़ते हुए मरीज को देखते हुए 150 बेड का लेवल एक अपेक्स ट्रॉमा सेंटर बनाया जाएगा।  यह दिल्ली एम्स के बाद दूसरा सबसे बड़ा ट्रॉमा सेंटर होगा।  पिछले वर्षों की तुलना में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए यह निर्णय लिए गए हैं।

एयर एंबुलेंस और हेलीपैड:

एम्स भोपाल प्रदेश का एक ऐसा अस्पताल बनेगा ,जिसके पास खुद का हेलीपैड होगा । यह हेलीपैड ट्रॉमा सेंटर की छत पर विकसित किया जाएगा।  इससे गंभीर मरीज और अंग प्रत्यारोपण से जुड़े मामलों में समय की सबसे बड़ी बाधा खत्म हो सकेगी।

अभी तक भोपाल एयरपोर्ट से एम्स अस्पताल तक मरीजों को या अंगों को लाने में करीब 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। इस दौरान ग्रीन कॉरिडोर बनाने में 30 मिनट से ज्यादा का समय लग जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह ट्रॉमा सेंटर ट्रांसप्लांट जैसे मामलों में देरी होने से कई बार जानलेवा साबित होती है।  खासकर अंगों के ट्रांसप्लांट मामले में इसमें अंगों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ समय सीमा बेहद जरूरी होती है।  हेलीपैड शुरू होने के बाद मरीज और अंगों को सीधे ट्रॉमा सेंटर की छत तक पहुंचा जा सकेगा।
हेलीपैड शुरू होने के बाद नेशनल हाईवे ,सीमावर्ती राज्यों और दूरदराज के इलाकों से मरीजों को सीधे ट्रॉमा सेंटर लाया जा सकेगा।  इससे इलाज में देरी होने का खतरा दूर होगा।

कैंसर मरीजों के लिए सुविधाएं:

एम्स भोपाल में हर साल करीब 36 हजार से ज्यादा कैंसर मरीज इलाज के लिए आते हैं।  जिनमें से 60% मैरिज भोपाल के बाहर के जिलों से होते हैं । इन मरीजों की सुविधा के लिए 200 बेड का अत्याधुनिक ऑंन्कोलॉजी सेंटर बनाया जाएगा।  जिसमें कीमोथेरेपी, रेडिएशन  और स्टेम सेल के इलाज की सुविधा मिल सकेंगी।

वित्त विभाग को भेजा प्रस्ताव:

सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव के अध्यक्षता में केंद्रीय वित्त समिति की बैठक संपन्न हुई । इसमें एम्स भोपाल के कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई।  जिसमें सांसद आलोक शर्मा ने बताया कि अधिकांश प्रस्तावों को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और अब इन्हें वित्त विभाग को भेजा जाएगा । सांसद शर्मा ने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सचिव पुण्य सरला श्रीवास्तव को 1000 करोड रुपए के विस्तार का प्लान सोपा गया है।  बैठक में एम्स भोपाल के निदेशक डॉक्टर माधवानंद कर और डिप्टी डायरेक्टर संदेश जैन मौजूद रहे।

इस बैठक में एम्स भोपाल को स्थाई निदेशक देने का मुद्दा भी उठाया गया स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अगले महीने से इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की जाएगी । इसके अलावा 300 बेड का लेवल-1 अपेक्स ट्रॉमा सेंटर, अत्यधिक अपेक्स आंन्कोलॉजी सेंटर, पीडियाट्रिक और गायनिक सुपर स्पेशलिटी और वर्चुअल ऑटोप्सी जैसी सुविधाओं की मंजूरी पर सहमति बनाई गई है।

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