ASI सर्वे में सामने आए तथ्य, भोजशाला परिसर में मिले प्राचीन अवशेष
संवाददाता
15 March 2026
अपडेटेड: 8:09 PM 0thGMT+0530
15 मार्च 2026
धार। भोजशाला परिसर को लेकर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। एएसआई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट 16 मार्च को अदालत में पेश की गई, जिसमें परिसर में प्राचीन संरचनाओं और अवशेषों के मिलने का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, सर्वे के दौरान परिसर के भीतर खुदाई और वैज्ञानिक परीक्षण में कई ऐतिहासिक अवशेष मिले हैं। इनमें पत्थरों से बनी संरचनाएं, मूर्तियों के अवशेष और प्राचीन निर्माण के संकेत शामिल हैं। एएसआई ने इन्हें भारतीय पुरातात्विक परंपरा से जुड़ा बताया है।
सर्वे में यह भी सामने आया कि परिसर के अलग-अलग हिस्सों में कई परतों में निर्माण के प्रमाण मिले हैं। कुछ स्थानों पर पत्थर की दीवारें, स्तंभों के अवशेष और कलात्मक आकृतियां भी पाई गई हैं, जो प्राचीन स्थापत्य शैली की ओर इशारा करती हैं।
खुदाई में पत्थर और ईंटों की दीवारें, मंच, फर्श की परतें और कई स्थापत्य के अवशेष मिले हैं इससे परिसर के अलग-अलग समय में निर्माण व पुनर्निर्माण के प्रमाण मिलते हैl इनमें से कुछ अवशेष राजा भोज काल के यानी 11वीं सदी से जुड़े होने के भी संकेत देते हैं उत्खनन में तांबे का सिक्का, तांबे की अंगूठी और ढाली हुई ईंटें भी मिली हैl
मस्जिद पक्ष का कहना है कि रिपोर्ट की पूरी तरह से जांच की जानी चाहिए और इसके निष्कर्षों पर अदालत में विस्तार से बहस की जाएगी। उनका कहना है कि वे रिपोर्ट के कुछ हिस्सों से सहमत नहीं हैं और इस पर आपत्ति दर्ज कराएंगे।
एएसआई की इस सर्वे रिपोर्ट के बाद भोजशाला विवाद को लेकर अदालत में आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण बहस होने की संभावना है।