-
मौनी अमावस्या में करें यह उपाय:दूर होंगे कष्ट -मिलेगा मां लक्ष्मी का आशीर्वाद:
हर माह अमावस्या की तिथि आती है किंतु माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है।सनातन धर्म में माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या की तिथि का अत्यंत महत्व माना गया है और इसे मौनी अमावस्या या माघी अमावस्या के नाम से जाना जाता है । यह एक बहुत ही पवित्र तिथि…
-
मौनी अमावस्या -2026 कब है – 18 या 19 जनवरी ? जानें सही तिथि , शुभ मुहूर्त और स्नान दान का महत्व:
मौनी अमावस्या का महत्व, शुभ मुहूर्त और धन-स्वास्थ्य-शांति के उपाय: हिंदू पंचांग के अनुसार मौनी अमावस्या माघ मास की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है। यह दिन स्नान, दान, मौन व्रत और आत्मशुद्धि के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। वर्ष 2026 में इसे लेकर लोगों में भ्रम है कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को…
-
अगस्त्यमुनि मैदान में प्रशासन और जनता आमने-सामने:
अगस्त्यमुनि महाराज की भूमि को सरकार से छुड़ाने हेतु आंदोलन: स्टेडियम के निर्माण को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन:उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में आज यानी गुरुवार 15 जनवरी को प्रशासन और आम जनता आमने-सामने आ गए। यहां अगस्त्यमुनि मैदान में सरकार की तरफ से स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय लोग यहां स्टेडियम बनाए…
-
क्यों मनाते हैं मकर संक्रांति? क्या है महत्व?
मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व जो भारत की संस्कृति ,प्रकृति और विज्ञान तीनों को एक साथ जोड़ता है । मकर संक्रांति एक ऐसा दिन होता है जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करता है । इसी के साथ सूर्य की उत्तरायण यात्रा भी शुरू होती है । यानी दिन धीरे-धीरे बड़े होने…
-
कौन हैं सद्गुरू रितेश्वर महाराज यूपी के बाहुबली से इनका क्या है संबंध
भारत की आध्यात्मिक परंपरा में कई ऐसे संत हुए हैं जिनका नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है.ऐसा ही एक नाम तेजी से उभरकर सामने आया है, जिन्हें सद्गुरू रितेश्वर महाराज के नाम से जाना जाता है.इन्होंने सनातन संस्कृति, श्रीकृष्ण भक्ति और सेवा के माध्यम से कई लोगों की जीवन बदल दिया है। परमपूज्य सद्गुरु…
-
मकर संक्रांति पर विशेष:शैय्या पर लेटे भीष्म ने क्यों सही असहनीय पीड़ा
मकर संक्रांति पर विशेष:मकर संक्रांति का त्योहार देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। सूर्यदेव जब मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब ये पावन पर्व मनाया जाता है। और 14 जनवरी को सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं, तो 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाया जाएगा । सूर्यदेव होते हैं उत्तरायण:…
-
माघ मेला 2026 में क्या है खास:
आस्था की पावननगरी – संगम तट पर माघ मेला आरंभ: उमड़ा जनसैलाबसंगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला आरंभ:प्रयागराज की पावन धरती पर इन दिनों आस्था का महासंगम देखने को मिल रहा है। संगम तट पर, पौष पूर्णिमा से माघ मेला आरंभ हो चुका है। कोहरे की धुंध में भी लाखों लोग जुट रहे हैं । कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में…
-
चित्रकूट बनेगा धार्मिक पर्यटन केंद्र:
तीर्थ के रूप में विकसित करेगी मोहन सरकार:चित्रकूट का होगा समग्र विकास: तीर्थ के रूप में विकसित करेगी मोहन सरकार! चित्रकूट के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए मध्य प्रदेश की मोहन सरकार इसके समग्र विकास की दिशा में तेजी से काम कर रही है। और इसके लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है । इस योजना के लागू…
-
दिवाली के दूसरे दिन क्यों की जाती है गोवर्धन पूजा और क्यों कहते हैं इसे अन्नकूट जानिए
18 अक्टूबर 2025: गोवर्धन पूजा: प्रकृति, कृतज्ञता और संतुलन का पर्व दीपावली के अगले दिन पूरे भारत में हर्ष और श्रद्धा के साथ गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पर्व मनाया जाता है।यह दिन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आभार, संतुलन और संरक्षण का प्रतीक है।यह पर्व हमें यह याद दिलाता है कि…
-
धनतेरस – 18 अक्टूबर शनिवार -जानें पूजा विधि- खरीदारी का समय और शुभ मुहूर्त
17 अक्टूबर 2025 : दीपावली का पावन पर्व पांच दिवसीय पर्व कहलाता है ।दीपावली की शुरुआत धनतेरस से हो जाती है। जिसे धनत्रयोदशी भी कहा जा सकता है।इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे । इसलिए आज के…










