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हज जाने से पहले सीखें- हज का तरीका डिजिटली: हज यात्रियों के लिए हज कमेटी ने वीडियो किया जारी
3 अक्टूबर 2025 : हज यात्रियों के लिए अब डिजिटली हज यात्रा का तरीका सिखाया जाएगा। जिससे हज यात्रियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।यह सब डिजिटल ही होगा । इसमें प्रोजेक्ट साउंड और इमेज का प्रयोग करके हज यात्रियों के लिए एक ऐसा माहौल बनाया जाएगा, जिससे उन्हें ऐसा महसूस होगा कि…
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दशहरे पर नीलकंठ दर्शन- क्यों होता है शुभ: नीलकंठ का दशहरे से क्या है कनेक्शन जानें
2 अक्टूबर 2025: ऐसी मान्यता है कि दशहरे के दिन नीलकंठ पक्षी का दर्शन करना बहुत ही शुभ माना जाता है।ऐसे में बहुत से लोग दशहरे वाले दिन आकाश में नजरे यहां वहां घूमाते हैं कि उन्हें नीलकंठ पक्षी का दर्शन हो जाए।लोगों का यह मानना है कि दशहरा पर यदि नीलकंठ पक्षी का दर्शन…
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अक्टूबर माह में रहेगी त्योहारों की धूम: आईए जाने अक्टूबर माह के प्रमुख पर्व और त्योहार
1 अक्टूबर 2025: अक्टूबर के पूरे माह में त्योहारों की धूम रहेगी । कई पर्व ,तीज त्यौहार इस माह में है।जिससे पूरे अक्टूबर माह में रौनक बनी रहेगी। नवरात्र का आखिरी चरण है । इसके बाद दशहरा,शरद पूर्णिमा, करवा चौथ के साथ दीपावली के त्यौहार की रौनक अक्टूबर माह को खुशनुमा बनाएगा। आईए जाने इस…
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इन्द्राक्षी शक्तिपीठ: 51 शक्तिपीठों में से एक, जहां गिरी थी माता सती की पायल
30 September 2025 : इन्द्राक्षी शक्तिपीठ आध्यात्मिक आस्था का दिव्य केंद्र, श्रीलंकाभगवान श्री राम ने लंका विजय से पहले यहां माता की पूजा अर्चना करलिया था आशीर्वाद सनातन धर्म की महान परंपरा में 51 शक्तिपीठों का विशेष महत्व है। ये वे पवित्र स्थल हैं जहाँ माता सती के अंग, आभूषण या वस्त्रखंड गिरे थे और…
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क्यों बोये जाते हैं नवरात्रि में ज्वारें: इस प्राचीन परंपरा का क्या है रहस्य
29 सितंबर 2025: नवरात्रि में ज्वारे बोने का महत्व भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएँ जीवन के हर क्षेत्र से गहराई से जुड़ी हुई हैं। नवरात्रि, देवी शक्ति की उपासना का प्रमुख पर्व है, जिसे देशभर में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस पर्व में नौ दिनों तक माँ दुर्गा के…
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नेपाल का रहस्यमई गुह्येश्वरी शक्तिपीठ: जहां गिरे थे देवी के दोनों घुटने, पौराणिक कथा, महत्व और इतिहास जानें
29 सितंबर 2025: गुह्येश्वरी शक्तिपीठ, काठमांडू (नेपाल) भारत और नेपाल की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में देवी शक्ति का स्थान सर्वोपरि है। देवी सती के अंग-प्रत्यंग जहाँ-जहाँ गिरे, वहाँ शक्तिपीठों की स्थापना हुई। इन्हीं में से एक अत्यंत पवित्र स्थल है गुह्येश्वरी शक्तिपीठ जो नेपाल की राजधानी काठमांडू में, पवित्र बागमती नदी के तट पर…
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जोगेश्वरी शक्तिपीठ (बांग्लादेश)– 51 शक्तिपीठों में से एक, जानिए संपूर्ण जानकारी
27 सितंबर 2025: जोगेश्वरी शक्तिपीठ जहां गिरा था माता सती का हाथ भारतवर्ष के प्राचीन धार्मिक इतिहास में शक्ति उपासना का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। देवी के 51 शक्तिपीठों में से एक जोगेश्वरी शक्तिपीठ बांग्लादेश के सातखिरा ज़िले में स्थित है। यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से पूजनीय है बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व…
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नवरात्रि में कब करें दुर्गा अष्टमी का पूजन- 29 या 30 सितंबर, आईए जाने पूजन की सही तिथि
27 सितंबर 2025: मां दुर्गा को समर्पित शारदीय नवरात्रि अत्यंत पवित्र माने जाते हैं । जो इस बार 9 दिवसीय ना होकर 10 दिवसीय शारदीय नवरात्रि है। माना जाता है कि तिथि की बढ़ोतरी होने से नवरात्रि अत्यंत शुभ मानी जाती हैं।इस वर्ष 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्रि चल रही…
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कामाक्षी माता शक्तिपीठ: 51 शक्तिपीठों में से एक, जहां गिरी थी माता की नाभि
27 सितंबर 2025 : कामाक्षी माता शक्तिपीठ, कांचीपुरम : कथा, इतिहास और वर्तमान स्वरूप भारत भूमि पर देवी शक्ति की अनेकों उपासना स्थली हैं, जिन्हें शक्तिपीठ कहा जाता है। इन्हीं में से एक है — कामाक्षी माता शक्तिपीठ, जो तमिलनाडु राज्य के प्राचीन नगर कांचीपुरम में स्थित है। यह शक्तिपीठ देवी के उन 51 महाशक्तिपीठों…
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हिंगलाज माता मंदिर: बलूचिस्तान स्थित सबसे पुराना हिंगलाज माता मंदिर, 51 शक्तिपीठों में से एक
26 सितंबर 2025 : 51 शक्तिपीठों में से एक: जहां गिरा था माता के मस्तक का ऊपरी भाग, हिंगलाज माता शक्तिपीठ : कथा, इतिहास और वर्तमान स्वरूप भारत उपमहाद्वीप के शक्तिपीठों में हिंगलाज माता शक्तिपीठ का विशेष स्थान है। यह शक्तिपीठ आज पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत के लासबेला ज़िले में, हिंगोल नेशनल पार्क के भीतर…










