विघ्नहर्ता लायेंगें सुख संपत्ति: गणेश जी को प्रसन्न करने हेतु करें ये उपाय, बरसेगा धन- दूर होंगे दुख और क्लेश
संवाददाता
30 August 2025
अपडेटेड: 9:15 AM 0thGMT+0530
30 अगस्त 2025: विध्नों को दूर करने वाले बुद्धि प्रदाता लक्ष्मी प्रदाता गणेश जी को प्रसन्न करने का इससे अच्छा समय दूसरा नहीं है।
गणेश जी उन्नति खुशहाली और मंगलकारी देवता है। कहते हैं जहां पर गणेश जी की पूजा अर्चना होती है, वहां पर रिद्धि सिद्धि और शुभ लाभ का वास होता है । ऐसे स्थान पर अमंगलकारी घटनाएं, दुख, दरिद्रता कभी नहीं आती। इसलिए गणेश जी की पूजा हर घर में होती है और लोग अपने घरों में गणेश जी की मूर्ति और तस्वीर लगाकर हमेशा रखते हैं।
वास्तु का विज्ञान भी यह मानता है कि जिस घर में या घर के मुख्य द्वार पर गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर होती है ,उस घर में रहने वालों की दिनों दिन उन्नति होती है । लेकिन इस उन्नति और तरक्की के चक्कर में गणेश जी के साथ हम कुछ ऐसे काम कर बैठते हैं जो सही नहीं है और कुछ गलत हो जाता है।
वास्तु विज्ञान के अनुसार वास्तु शास्त्री बताते हैं कि भारत में प्राचीन काल से ही घर के मुख्य द्वार की चौखट के ऊपर सुख शांति समृद्धि के लिए गणेश जी की प्रतिमा लगाने की परंपरा रही है। कई स्थानों पर तो घर के मुख्य द्वार के ऊपर मध्य में श्री गणेश जी को विराजित कर उनके आसपास सिंदूर से उनकी दोनों पत्नियों के नाम रिद्धि सिद्धि लिखने की भी परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि इससे घर में ज्ञान और धन की कभी-कभी नहीं रहती। इसे भारत के लगभग सभी मंदिरों के मुख्य द्वार पर और प्राचीन हवेलियों में गणेश जी की मूर्ति केवल बाहर की ओर ही लगी हुई दिखाई देती है।
अब यह देखा जाए तो पिछले दो से ढाई दशकों में कुछ लोगों ने ऐसी अफवाह फैला रखी है कि गणेश जी की पीठ के पीछे दरिद्रता का वास होता है । अतः मुख्य द्वार पर गणेश जी की मूर्ति लगाते समय एक जैसी दो मूर्ति मिलाकर एक मूर्ति मुख्य द्वार की बाहर की ओर और एक मुख्य द्वार के अंदर की ओर लगाना चाहिए ताकि गणेश जी की पीठ अंदर ना हो ।
गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ सरल उपाय:
1.बुधवार के दिन घर में सफेद रंग के गणपति की स्थापना करने से सभी प्रकार की बुरी शक्तियों का नाश होता है।
2.धन प्राप्ति के लिए बुधवार के दिन श्री गणेश को घी और गुड़ का भोग लगे थोड़ी देर के बाद घी और गुड़ के को मिला दे यह उपाय करने से धन संबंधी समस्या का निदान आसानी से होता है।
3..परिवार में कलह क्लेश हो तो बुधवार के दिन दुर्वा के गणेश जी की प्रतीकात्मक मूर्ति बनवाकर अपने घर के देवालय में स्थापित करें और हर दिन इसकी विधि विधान से पूजा करें।
4..घर के मुख्य दरवाजे पर गणेश जी की प्रतिमा लगाने से घर में सुख समृद्धि बनी रहती है और कोई भी नकारात्मक शक्ति घर में प्रवेश नहीं कर पाती।
सही तरीके से गणपति जी को दूर्वा चढ़ाने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। दुर्वा के ऐसे उपाय जिससे हमारी पूजा सफल हो।
1..कार्य की सफलता हेतु:
यदि हमें किसी कार्य में सफलता न मिल रही हो तो नौ दुर्वा को इकट्ठा कर उस पर इत्र छिड़ककर गणेश जी को चढ़ाए।
2..मकान बनाने में आ रही परेशानी :
यदि स्वयं का मकान बनाने में परेशानी आ रही है तो गणेश जी को हरे रंग के धागे से दूर्वा की माला बनाकर चढ़ाएं।
3..मनोकामना पूर्ति के लिए :
इच्छा पूर्ति के लिए गणेश जी पर पूरी श्रद्धा भाव से 21 दूर्वा पर कुमकुम लगाकर गणेश भगवान को चढ़ाएं।
4..कार्यों में अड़चन आ रही हो तो :
यदि हमारे कार्य पूर्ण नहीं हो पा रहे हैं और राहु केतु की परेशानियां हो तो 11 या 21 दुर्वा का मुकुट बनाकर गणेश भगवान को चढ़ाएं।
5..सुखी जीवन और धन समृद्धि के लिए:
10 दिनों तक 11 दूर्वा पर हल्दी लगाकर गणेश जी को चढ़ाने से धन वैभव की कभी कमी नहीं होती।