केरल में शशि थरूर का ‘मोदी-मोदी’ नारा
संवाददाता
5 May 2025
अपडेटेड: 9:53 AM 0thGMT+0530
कांग्रेस नेतृत्व में बेचैनी, BJP को मिला मुद्दा
कांग्रेस नेतृत्व में बेचैनी, BJP को मिला मुद्दा
केरल के तिरुवनंतपुरम में 2 मई 2025 को अडानी समूह के विज़िनजम पोर्ट के उद्घाटन समारोह में एक अप्रत्याशित घटना ने सियासी हलचल मचा दी। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए ‘मोदी-मोदी’ नारे लगवाए, जिसे लेकर कांग्रेस नेतृत्व में बेचैनी देखी जा रही है। इस घटना ने BJP को कांग्रेस पर हमला बोलने का मौका दे दिया है।
कार्यक्रम में PM मोदी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और शशि थरूर एक ही मंच पर मौजूद थे। थरूर ने अपने भाषण में विज़िनजम पोर्ट को केरल के विकास के लिए ऐतिहासिक बताया और इसे संभव बनाने के लिए मोदी सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह पोर्ट केरल की प्रगति का प्रतीक है, और इसके लिए मैं PM मोदी को धन्यवाद देता हूं।” इसके बाद थरूर ने भीड़ से ‘मोदी-मोदी’ नारे लगाने को कहा, जिसे दर्शकों ने उत्साह से दोहराया।
PM मोदी ने भी इस मौके का फायदा उठाते हुए विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “आज का यह आयोजन कई लोगों की नींद उड़ा देगा।” यह बयान स्पष्ट रूप से कांग्रेस और वाम दलों पर निशाना था, जो आमतौर पर मोदी सरकार की आलोचना करते हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना की खूब चर्चा हुई। कुछ X पोस्ट्स में इसे थरूर का “नया रंग” और “BJP की ओर झुकाव” बताया गया, जबकि अन्य ने इसे कांग्रेस के लिए “शर्मिंदगी” करार दिया।
कांग्रेस के भीतर इस घटना को लेकर असहजता है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी, थरूर के इस कदम से नाराज हैं। पहले भी थरूर की मोदी की तारीफ को लेकर विवाद हुआ था, जैसे जब उन्होंने रूस-यूक्रेन मुद्दे पर मोदी की विदेश नीति की सराहना की थी। BJP ने इसे कांग्रेस की “आंतरिक कलह” के रूप में पेश किया है, दावा करते हुए कि थरूर जैसे नेता पार्टी लाइन से हट रहे हैं।
हालांकि, थरूर ने सफाई दी कि उनकी टिप्पणी केवल पोर्ट प्रोजेक्ट के संदर्भ में थी, न कि मोदी की समग्र नीतियों की तारीफ। उन्होंने कहा, “मैंने एक सांसद के रूप में अपने क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी। इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है।” फिर भी, यह घटना केरल की सियासत में चर्चा का केंद्र बनी हुई है, जहां कांग्रेस और CPI(M) दोनों ही BJP के खिलाफ मजबूत विपक्ष की भूमिका में हैं।
यह घटना न केवल थरूर की व्यक्तिगत छवि को प्रभावित कर सकती है, बल्कि कांग्रेस की एकजुटता पर भी सवाल उठा रही है। BJP इसे 2024 लोकसभा चुनाव के बाद विपक्ष की कमजोरी के रूप में भुनाने की कोशिश कर रही है।